राघव चड्ढा समेत आम आदमी पार्टी के सात सांसदों के बीजेपी में शामिल होने को राज्यसभा सभापति की मंजूरी
नई दिल्ली। उप राष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने आम आदमी पार्टी छोड़ने वाले सातों सांसदों के बीजेपी में शामिल होने को मंजूरी दे दी है। इसके बाद राज्यसभा में बीजेपी के सांसदों की संख्या बढ़कर 113 हो गई है। इससे राज्यसभा में बीजेपी मजबूत हुई है। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने संविधान के प्रावधान के तहत सभापति को सातों सांसदों को अयोग्य करार देने का आवेदन दिया था। सभापति की तरफ से आम आदमी पार्टी के सभी सात सांसदों के बीजेपी में शामिल होने को हरी झंडी देने पर मामला अब कोर्ट तक जा सकता है।
बीते दिनों सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, विक्रमजीत सिंह साहनी और राजिंदर गुप्ता ने आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने का एलान किया था। अब उनके बीजेपी में शामिल होने के बाद राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के तीन ही सांसद बचे हैं। इस मामले की शुरुआत उस वक्त हुई थी, जब आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में उप नेता पद से हटाकर उनकी जगह अशोक मित्तल को पद सौंपा था। जब राघव चड्ढा ने सवाल उठाए, तो पलटवार में आम आदमी पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया कि राघव पंजाब के मसले नहीं उठा रहे थे और मोदी सरकार के पक्ष में बोल रहे थे।
बीजेपी में शामिल होने वाली स्वाति मालीवाल पहले से ही अरविंद केजरीवाल के खिलाफ खड़ी हो चुकी थीं। स्वाति मालीवाल ने आरोप लगाया था कि केजरीवाल के सीएम रहते उनसे मिलने के लिए बंगले पर गईं, तो वहां आम आदमी पार्टी प्रमुख के करीबी बिभव कुमार ने उनकी पिटाई की। खास बात ये है कि संदीप पाठक ने भी केजरीवाल का साथ छोड़ा है। राघव चड्ढा की तरह संदीप पाठक को केजरीवाल का बहुत करीबी माना जाता रहा है। पंजाब में आम आदमी पार्टी की विधानसभा चुनाव में जीत के लिए संदीप पाठक ने ही रणनीति बनाई थी। बताया जा रहा है कि पार्टी छोड़ने से पहले संदीप की केजरीवाल से बातचीत भी हुई थी और तब उन्होंने इस बारे में कोई बात नहीं की थी।
