दो दिन में तीसरी बार पाकिस्तान पहुंचे ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची, जानिए इस्लामी देश के नए प्रस्तावों पर ट्रंप का क्या है रुख?
इस्लामाबाद। अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम लागू है। हालांकि, अब तक दोनों के बीच कोई समझौता नहीं हो सका है। इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची दो दिन में तीसरी बार पाकिस्तान पहुंचे हैं। इससे पहले वो पाकिस्तान आए थे। फिर पाकिस्तान से होते हुए रूस गए थे। रूस से अराघची पाकिस्तान आए हैं। इससे पहले खबर आई थी कि ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका के सामने नया प्रस्ताव दिया है। ईरान के इस नए प्रस्ताव के तहत होर्मुज की नाकेबंदी खत्म करने और परमाणु मसले पर बातचीत को टालने की बात कही गई है।
उधर, अमेरिका से खबर है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के प्रस्ताव से खुश नहीं हैं। ट्रंप परमाणु मसले को टालना नहीं चाहते। ट्रंप लगातार ये कहते रहे हैं कि ईरान को किसी सूरत मे परमाणु कार्यक्रम जारी नहीं रखने देंगे। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की यही बड़ी वजह रही थी। अब ट्रंप अगर ईरान के परमाणु कार्यक्रम में कोई छूट देते हैं, तो सवाल ये उठेगा कि आखिर फिर युद्ध किया ही क्यों था? ट्रंप और इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतनयाहू का कहना है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम पश्चिम एशिया के साथ ही पूरी दुनिया के लिए खतरा है। ईरान को अपना परमाणु कार्यक्रम खत्म कर संवर्धित यूरेनियम अमेरिका को सौंपना होगा।
वहीं, ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है। ईरान ने कहा है कि वो अपना परमाणु कार्यक्रम पांच साल के लिए स्थगित करने को तैयार है, लेकिन इसे कतई खत्म नहीं करेगा। ईरान युद्ध का हर्जाना भी चाहता है। साथ ही ईरान की मांग है कि होर्मुज पर उसका अधिकार माना जाए। ईरान की ये मांगें भी मानने के लिए ट्रंप राजी नहीं हुए थे। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने कहा था कि ईरान की मांगों को ट्रंप ने फाड़कर कूड़ेदान में डाल दिया है। ईरान और अमेरिका के बीच एक दौर की बातचीत में नाकामी हाथ लगी थी। जिसके बाद दोनों पक्षों के अड़े रहने से दोबारा बातचीत नहीं हो सकी है।
