ममता बनर्जी के बाद ‘गांधी परिवार” पर प्रशांत किशोर का बड़ा वार
नई दिल्ली। एक के बाद एक कई चुनाव हारने के बाद अब कांग्रेस के लिए और मुसीबत खड़ी होने जा रही है। ममता बनर्जी धीरे-धीरे कांग्रेस के नेताओं को तोड़ने में लगी हैं और अब टीएमसी का विस्तार भी जारी है। बंगाल से निकलकर टीएमसी अब अन्य राज्यों में भी चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है लेकिन कांग्रेस के लिए सबसे बड़ा झटका तो ये है कि ममता कांग्रेस को किनारे कर अब खुद विपक्ष को बागडोर संभलाने की कोशिश में लगी हुई हैं।
दरअसल पिछले दिनों दिल्ली पहुंची ममता ने कई दलों के नेताओं के साथ बैठक की थी, कांग्रेस पार्टी के नेताओं को टीएमसी की सदस्यता दिलाई थी लेकिन कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी से मुलाक़ात किये बिना ही वापस चली गई थी। इसके बाद वे मुंबई पहुंची जहां उन्होंने शिवसेना, एनसीपी के नेताओं के साथ बैठक की। मुंबई दौरे पर पहुंची ममता बनर्जी ने कांग्रेस को चुभने वालीं बातें कह दी। ममता ने कांग्रेस से लेकर राहुल गांधी पर भी इशारों-इशारों में हमला बोला। उन्होंने कहा कि यूपीए आखिर है कहां। यही नहीं इशारों में ही राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा था कि कुछ लोग आधा समय तो विदेश में ही बिताते हैं और कुछ करते नहीं है। इसके अलावा उन्होंने पूछा था कि यदि बंगाल में कांग्रेस चुनाव में उतर सकती है तो फिर टीएमसी गोवा में चुनाव में क्यों नहीं उतर सकती।
अब ममता बनर्जी के बाद उनके रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने भी कांग्रेस को लेकर बड़ा बयान दे दिया है। प्रशांत किशोर ने कांग्रेस को लेकर नाकि सिर्फ बयान दिया बल्कि जोरदार हमला बोला है। प्रशांत किशोर ने ट्वीट करते हुए कहा कि ‘कांग्रेस जिस विचार और दायरे का प्रतिनिधित्व करती रही है, वह एक मजबूत विपक्ष के लिए महत्वपूर्ण है। लेकिन कांग्रेस का नेतृत्व किसी व्यक्ति का दैवीय अधिकार नहीं है, खासकर तब, जब पार्टी पिछले 10 वर्षों में 90% से अधिक चुनाव हार गई हो। ऐसे में विपक्ष की लीडरशिप का फैसला लोकतांत्रिक तरीके से होने देना चाहिए।’
आपको बता दें कि ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के विस्तार पर इस बात की चर्चा जोरों पर हैं कि ममता बनर्जी (कांग्रेस को किनारे कर या साथ में लेकर) खुद अगले लोकसभा चुनाव में विपक्ष की अगुवाई करना चाहती है। इसीलिए अब कांग्रेस के नेताओं को छोड़कर अन्य विपक्षी दलों से मुलाक़ात कर रही हैं और कांग्रेस पर हमला बोल रही है। वहीं कांग्रेस का आरोप है कि ममता बनर्जी बीजेपी से मिली हुई हैं। उन्हें राहुल गांधी पर व्यक्तिगत हमला नहीं बोलना चाहिए।
