आतंकवाद के खिलाफ भारत और ऑस्ट्रेलिया का साझा संकल्प, मोदी और अल्बनीज के बीच कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी हुई चर्चा
नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथनी अल्बनीज के बीच आज आतंकवाद, मौजूद वैश्विक हालात समेत कई क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। पीएम मोदी ने कहा, भारत और ऑस्ट्रेलिया मानते हैं कि आतंकवाद केवल किसी एक देश के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए गंभीर चुनौती है, इसलिए आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई भी साझा है, हमारे संकल्प भी अटूट हैं और हमारा सहयोग भी लगातार मजबूत हो रहा है। हमारा यह भी मानना है कि विश्व के अनेक भागों में चल रहे तनावों और युद्धों का समाधान बातचीत और कूटनीति से ही संभव है। मोदी ने कहा, पूरे इंडो पैसिफिक क्षेत्र में हम मिलकर शांति, स्थिरता, नेविगेशन की स्वतंत्रता और नियमों पर आधारित व्यवस्था को और मजबूत करेंगे।
भारतीय पीएम ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया दो जीवंत लोकतंत्र और बहु-सांस्कृतिक समाज हैं। हम दोनों ही समुद्र के क्षेत्र में महत्वपूर्ण ताकतें हैं। हमारी समानताएं और हमारा साझा नज़रिया हमें गहरे आपसी भरोसे के साथ लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी ने पिछले कुछ वर्षों में अभूतपूर्व प्रगति की है। आज, तीसरे वार्षिक शिखर सम्मेलन के माध्यम से हमारे आपसी सहयोग को कई नए आयाम मिले हैं। मोदी ने आगे कहा, बीते वर्षों में हमने दोनों देशों की क्षमताओं के साथ भावी साझेदारी का एक मजबूत फ्रेमवर्क तैयार किया है। 2022 में रिकॉर्ड समय में किए गए ECTA (आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौता) समझौते से हमारी आर्थिक साझेदारी और सशक्त हुई है। इसके लागू होने के बाद भारत से ऑस्ट्रेलिया को होने वाला निर्यात दोगुना हो गया है।
वहीं ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री अल्बनीज ने कहा, ऑस्ट्रेलिया भारत को एक शीर्ष स्तर का सुरक्षा साझेदार मानता है। हम रणनीतिक समन्वय को बढ़ाएंगे, संयुक्त रक्षा अभ्यासों को और अधिक उन्नत बनाएंगे तथा दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी तालमेल को मजबूत करेंगे। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रक्षा से जुड़े उन घटनाक्रमों पर नियमित परामर्श करेंगे, जो हमारे साझा हितों को प्रभावित करते हैं।
