अमेरिकी हमलों के जवाब में खाड़ी के कई देशों पर ईरान का मिसाइलों और ड्रोन से जबरदस्त पलटवार, हिमार्स मिसाइल साइट और डिपो के साथ रडार ध्वस्त करने का दावा
तेहरान। एक तरफ ईरान के दक्षिणी इलाकों के साथ मध्य भाग में भी अमेरिकी सेना ताबड़तोड़ बमबारी कर रही है। वहीं, ईरान भी अमेरिकी हमलों के जवाब में मिसाइलों और ड्रोन से पलटवार कर रहा है। ईरान की आईआरजीसी ने दावा किया है कि उसने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए। ईरान का दावा है कि उसके हमले में जॉर्डन में अमेरिकी एयरबेस के कमांड सेंटर और ड्रोन हैंगर को तबाह किया गया। इसके अलावा कुवैत में हिमार्स मिसाइल साइट और डिपो के अलावा अमेरिका का रडार नष्ट करने का दावा भी ईरान ने किया है।
ईरान के इन दावों के उलट जॉर्डन ने दावा किया है कि उसने ईरान की चार मिसाइलों को नष्ट कर दिया। ईरान के हमले में किसी तरह के नुकसान से भी जॉर्डन ने इनकार किया है। ईरान की आईआरजीसी ने अमेरिका को अपराधी बताते हुए कहा कि दुश्मन ने ओमान की सरकार पर मर्जी थोपी और रविवार रात फिर हमें आजमाने की कोशिश की। आईआरजीसी ने कहा कि अमेरिका ने कुछ जहाजों को उकसाया और होर्मुज के दक्षिण में अवैध रास्ते से उनको निकालने की कोशिश की। इस पर ईरान की नौसेना ने कार्रवाई की और अमेरिकी कोशिश को रोका।
ईरान ने ये आरोप भी लगाया है कि उसकी कार्रवाई से अमेरिकी सेना बौखला गई। जिसके बाद ईरान के दक्षिणी तटीय इलाकों में स्थित सैन्य अड्डों और संचार के टावरों पर हमले किए गए। आईआरजीसी के मुताबिक उसने अमेरिका के इन हमलों का करारा जवाब दिया है। बीते दिनों ही ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते के एमओयू पर दस्तखत हुए थे, लेकिन होर्मुज से गुजर रहे कुछ जहाजों पर हमले से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भड़क गए। ट्रंप ने ईरान से कोई समझौता न करने का एलान किया और एमओयू को भी रद्द करने की बात कही। ट्रंप ने ये आरोप भी लगाया कि ईरान उनकी हत्या की साजिश रच रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति ने इसके बाद ईरान को निशाना बनाकर 1000 मिसाइलें तैनात करने का दावा किया और फिर आदेश देकर ईरान पर हमले शुरू कराए।
