होर्मुज जल्द न खुला तो दुनिया पर बड़ा ऊर्जा संकट, कच्चे तेल की बढ़ रही कीमत के बीच आईईए चीफ ने जताई चिंता
वॉशिंगटन। अगर होर्मुज का रास्ता जल्द न खुला, तो दुनिया को बड़े ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ेगा। ये चेतावनी इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (आईईए) के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने दी है। फातिह बिरोल ने काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस के कार्यक्रम में कहा कि होर्मुज के रास्ते कच्चे तेल के न आने से इससे संबंधित ऊर्जा सुरक्षा गंभीर मुद्दा बन गया है। उन्होंने कहा कि अगर अगले कुछ हफ्तों में हालात नहीं सुधरते, तो हमें चिंतित होना चाहिए। आईईए के कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि वो अभी से चिंतित हैं।
आईईए के कार्यकारी अध्यक्ष फातिह बिरोल की चिंता यूं ही नहीं है। अमेरिका और ईरान के बीच जंग फिर शुरू होने के कारण कच्चे तेल की कीमत लगातार बढ़ रही है। खबर लिखे जाने के वक्त अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड के हर बैरल की कीमत 81.08 डॉलर हो गई। जबकि, डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमत 79.50 और मर्बन क्रूड के भाव 77.73 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गए हैं। इससे भारत समेत दुनिया के ज्यादातर देशों को कच्चा तेल खरीदने के लिए बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ रही है। जिससे इन देशों में अन्य विकास और सुरक्षा की योजनाओं को बड़ा झटका लगने का अंदेशा गहरा गया है। अगर कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर को पार करती है, तो हालात और विषम होंगे।
ऐसे हालात का अंदाजा लगाते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील की थी कि वे पेट्रोल और डीजल का जरूरत के मुताबिक ही इस्तेमाल करें। पीएम मोदी ने कार पूलिंग कर ईंधन बचाने पर जोर दिया था। वहीं, विदेशी मुद्रा भंडार को बचाए रखने के लिए सोना न खरीदने और एक साल तक घूमने के लिए विदेश न जाने को कहा था। होर्मुज को ईरान ने फिर बंद कर दिया है और उस रास्ते से एक बूंद कच्चा तेल नहीं आ रहा। ऐसे में आने वाले वक्त में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमत बढ़ने से भी इनकार नहीं किया जा सकता। आईईए के कार्यकारी निदेशक ने अब खतरे की घंटी बजाकर बता दिया है कि हालात बहुत विषम हैं। जिसका रास्ता निकालने की जरूरत है।
