परिसीमन और महिला आरक्षण संशोधन बिल पास कराने के लिए संसद का विशेष सत्र बुला सकती है मोदी सरकार
नई दिल्ली। देश की सियासत से जुड़ी बड़ी खबर है। मोदी सरकार परिसीमन बिल और इससे जुड़े महिला आरक्षण संशोधन बिल को पास कराने के लिए संसद का विशेष सत्र बुला सकती है। सूत्रों के मुताबिक, परिसीमन और महिला आरक्षण संशोधन बिल को पास कराने के लिए संसद का विशेष सत्र 16 से 18 अगस्त के बीच हो सकता है। संसद का मॉनसून सत्र 13 अगस्त को खत्म हो रहा है। संसद के मॉनसून सत्र में विपक्ष के हंगामे के कारण अब तक बहुत कामकाज नहीं हो सका है।
मोदी सरकार ने अप्रैल में परिसीमन बिल और महिला आरक्षण संशोधन बिल संसद से पास कराने की कोशिश की थी। दोनों बिल को लोकसभा में पेश किया गया था और उस पर चर्चा भी हुई थी, लेकिन विपक्ष अड़ गया कि वो इन बिलों को समर्थन नहीं देगा। परिसीमन बिल को पास कराने के लिए संसद के दोनों सदनों में सरकार को दो-तिहाई बहुमत चाहिए। यानी लोकसभा में अभी की सदस्य संख्या के हिसाब से 360 सांसदों का समर्थन चाहिए। वहीं, राज्यसभा में मौजूदा सांसदों की संख्या को देखें, तो दो-तिहाई का आंकड़ा 163 होता है। माना जा रहा है कि मोदी सरकार ने संख्या का ये गणित हासिल कर लिया है। जिसकी वजह से वो संसद का विशेष सत्र बुलाकर परिसीमन बिल और महिला आरक्षण संशोधन बिल लाने की तैयारी में है।
खबरों के मुताबिक कांग्रेस से पल्ला छुड़ा चुकी एमके स्टालिन की डीएमके के अलावा टीएमसी से बागी हुए सांसद और शरद पवार की एनसीपी के सांसद परिसीमन बिल और महिला आरक्षण संशोधन बिल के पक्ष में वोट दे सकते हैं। डीएमके ने अप्रैल में परिसीमन बिल का विरोध किया था। विपक्ष की मांग थी कि सभी राज्यों में लोकसभा की सीटें 50 फीसदी बढ़ें। जो कि तब पेश बिल में नहीं था। इस पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा था कि एक घंटे का वक्त दें, तो बिल में इस प्रावधान को जुड़वाकर फिर पेश कर देंगे। इसके बावजूद विपक्ष राजी नहीं हुआ था। जिसके बाद मोदी सरकार ने परिसीमन बिल और महिला आरक्षण संशोधन बिल वापस ले लिया था।
