Central Govt On UGC Rules: यूजीसी नियमों पर विचार किया जा रहा, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बताया
नई दिल्ली। यूजीसी नियमों पर अहम खबर है। केंद्र सरकार ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वो यूजीसी के इक्विटी रेगुलेशंस 2026 पर फिर से विचार कर रही है। इन नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने अभी रोक लगा रखी है। सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच को केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वो ये नहीं कह रहे कि यूजीसी नियमों पर क्या फैसला होगा, लेकिन इस बारे में सरकार विचार कर रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने इन नियमों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर यूजीसी को जवाब दाखिल करने के लिए चार हफ्ते का वक्त दिया। बेंच ने यूजीसी को निर्देश दिया कि वो सभी याचिकाकर्ताओं की ओर से उठाए गए मुद्दों को शामिल करते हुए विस्तृत जवाबी हलफनामा दाखिल करे। सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी से कहा कि उसके हलफनामे की प्रतियां याचिका दाखिल करने वालों को देनी होंगी। यूजीसी का जवाब पढ़कर याचिकाकर्ता दो हफ्ते में जवाब दाखिल कर सकेंगे। ये मामला जनवरी 2026 में यूजीसी की तरफ से नियम जारी करने का है। यूजीसी ने उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने संबंधी नियम जारी किए थे।
यूजीसी के नियमों को इस आधार पर चुनौती दी गई है कि इनमें जाति आधारित भेदभाव की परिभाषा सीमित है। साथ ही याचिकाओं में कहा गया है कि यूजीसी ने नियमों में सामान्य या गैर आरक्षित वर्ग के छात्रों को जाति आधारित भेदभाव या संस्थागत पक्षपात से सुरक्षा के दायरे से बाहर रखा है। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिकाओं में नए ढांचे के दायरे और उसके संभावित दुरुपयोग के बारे में चिंता जताई गई है। याचिकाओं पर पहले सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने यूजीसी के नए नियमों पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने पुराने नियमों को ही जारी रखने के निर्देश दिए थे। माना जा रहा है कि सरकार अब यूजीसी नियमों में कुछ बदलाव कर सकती है। हालांकि, कुछ संगठनों ने यूजीसी नियमों में बदलाव का विरोध भी किया है।
