IIT दिल्ली के एमएससी छात्र की मौत मामले में जांच समिति गठित, दो हफ्ते के अंदर देगी रिपोर्ट
नई दिल्ली। IIT दिल्ली के एमएससी फिजिक्स डिपोर्टमेंट के सेकेंड ईयर स्टूडेंट ऋषिकेश कुमार की मौत मामले की जांच के लिए संस्थान ने एक कमेटी गठित की है। कैंपस में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के चलते यह फैसला लिया गया। समाचार एजेंसी एएनआई मुताबिक, आईआईटी दिल्ली ने जो बाहरी जांच समिति बनाई है उसमें उत्तराखंड के पूर्व DGP अशोक कुमार, AIIMS नई दिल्ली के मनोचिकित्सा विभाग के प्रमुख प्रो. प्रताप शर्मा, आईआईटी दिल्ली के रजिस्ट्रार और दो छात्र प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। समिति से दो हफ्ते के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
छात्रों की मांग है कि इस पूरे प्रकरण की जांच कराई जाए और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए। संस्थान ने कल्याण कोष से परिवार को सहायता देगा और परिवार की मदद के लिए एक नया स्वैच्छिक फंड शुरू करने की बात भी संस्थान के द्वारा कही गई है। 22 अगस्त को ऋषिकेश कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पुलिस भी इस मामले की पड़ताल कर रही है। अभी तक की जांच के अनुसार छात्र ने कैम्पस के लेक्चर हाल की बिल्डिंग की छठी मंजिल से छलांग लगा दी थी। उसके पास से किसी प्रकार का कोई सुसाइड नोट नहीं मिला था।
वहीं इस पूरे प्रकरण पर निदेशक रंगन बनर्जी ने बताया कि ऋषिकेश ने 2025 में IIT दिल्ली के MSc फिजिक्स में दाखिला लिया था। पहले वो कैंपस के शिमलिक हॉस्टल में रह रहा था, मगर बाद में उसको मेंटल हेल्थ संबंधी समस्या हुई जिसके बाद संस्थान के काउंसलर और मनोचिकित्सक ने उन्हें अभिभावक के साथ रहने की सलाह दी थी। इस वजह से वो छात्र संस्थान से अनुमति लेकर दूसरे सेमेस्टर से कैंपस के बाहर किराए के घर पर अपनी मां के साथ रह रहा था। जुलाई 2026 में वो कैंपस में वापस लौटा लेकिन छात्र के मेडिकल रिकॉर्ड की दोबारा समीक्षा के बाद उसे फिर से अभिभावक के साथ ही रहने की सलाह दी गई थी।
