आप नेता सत्येंद्र जैन को जमानत, दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट टेंडर घोटाले में हुई थी गिरफ्तारी
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सत्येंद्र जैन को राउज एवेन्यू कोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए जमानत दे दी है। दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट टेंडर घोटाला मामले में दिल्ली भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने 18 अगस्त को जैन को गिरफ्तार किया था। दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO और IAS अधिकारी उदित प्रकाश राय, दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व कॉन्ट्रैक्चुअल कंसल्टेंट अंकित श्रीवास्तव, M/s AN Enterprises के ओनर नागेंद्र यादव, M/s Euroteck Environment Pvt. Ltd. के मालिक राजा कुमार कुर्रा और M/s Srijanhar के प्रोपराइटर पंकज वर्मा की भी गिरफ्तारी इस केस में हुई है।
सत्येंद्र जैन ने अपनी गिरफ्तारी विरोध करते हुए जमानत याचिका दायर की थी। 25 को अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। आरोप है कि दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के टेंडर में कथित तौर पर अनियमितताओं को अंजाम दिया गया। टेंडर की तकनीकी शर्तों में हेरफेर की गई और रिश्वत ली गई। टेंडर में इस प्रकार की टेक्निकल कंडीशंस रखी गईं जिससे M/s Euroteck Environment Pvt. Ltd. कंपनी को ही ठेका मिले।
राउज एवेन्यू कोर्ट में सत्येंद्र जैन की जमानत की मांग करते हुए उनके वकील एन हरिहरन और विवेक जैन ने कहा था कि मुवक्किल जांच में लगातार सहयोग कर रहे थे, इसलिए उनको गिरफ्तार किए जाने की आवश्यकता नहीं थी। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की क्षमता को बढ़ाने का निर्णय तकनीकी समिति की सिफारिश के आधार पर लिया गया था। वहीं एसीबी ने जमानत का विरोध करते हुए दावा किया था सत्येंद्र जैन आदतन अपराधी हैं और मामले की जांच शुरुआती चरण में है। जैन के खिलाफ सबूत भी हैं ऐसे में उनको जमानत नहीं दी जानी चाहिए। लोक अभियोजक मनीष रावत ने बचाव पक्ष की दलील के उलट यह भी कहा कि सत्येंद्र जैन जांच में सहयोग नहीं कर रहे।
