पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा बने राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ, ऑपरेशन सिंदूर में निभा चुके हैं अहम जिम्मेदारी
नई दिल्ली। अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ का नाम फाइनल हो गया है। भारतीय वायु सेना के पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को यह जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में सीईओ पद के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए नामों पर चर्चा हुई जिसमें पूर्व एयर मार्शल को इस पद के लिए सबसे उपयुक्त कैंडिडेट चुना गया और नियुक्ति के लिए उनके नाम पर मोहर लग गई। जितेंद्र मिश्रा ने भारतीय वायु सेना में लगभग चार दशक तक सेवा दी है। उनके पास लड़ाकू विमान उड़ाने से लेकर कॉम्बैट इंस्ट्रक्टर और टेस्ट पायलट के रूप में काम करने का भी अनुभव है।
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले पूर्व वायु सेना अधिकारी जितेंद्र मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एयर फोर्स की वेस्टर्न कमांड को लीड किया था। ऑपरेशन टाइगर हिल और सफेद सागर के दौरान भी उन्होंने प्रमुख निभाई थी। वह इसी साल अप्रैल में भारतीय वायु सेना से रिटायर हुए थे। अब अगले तीन साल तक वो श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सीईओ के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे। बतौर सीईओ वो ट्रस्ट के महामंत्री को रिपोर्ट करेंगे। ट्रस्ट के सीईओ पद के लिए 5500 से ज्यादा आवेदन मिले थे। सीईओ पद के लिए आवेदनकर्ता की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक जबकि उम्र 50 से 70 वर्ष तय की गई थी। आवेदनकर्ता का सक्रिय हिंदू होना अनिवार्य शर्त और श्री राम वैष्णव भक्त होना वांछनीय रखा गया था।
बतौर सीईओ यह होंगे प्रमुख दायित्व
ट्रस्ट के सभी वैधानिक, प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों का निष्पादन, ट्रस्ट डीड में उल्लेख किए गए उद्देश्यों को पूरा करने के लिए योजनाएं बनाना, संस्था की संपत्तियों की सुरक्षा करना और नियमानुसार विनिवेश करना, सक्षम सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना, दर्शनार्थियों की सुरक्षा और उनकी सुविधाओं का ध्यान रखना तथा मंदिर आने वाले विशिष्ठ अतिथियों और प्रमुख संतों के आगमन संबंधी सारी व्यवस्था सुनिश्चित करना, सभी धार्मिक पूजापाठ, अनुष्ठान, उत्सव आदि नियमित और सुचारू रूप से हों यह सुनिश्चित करना सीईओ के प्रमुख दायित्व होंगे।
