बृजभूषण शरण सिंह और रामदेव की हुई मुलाकात, योग गुरु बोले, पूर्व सांसद की भ्रांति दूर, मामले का पटाक्षेप
नई दिल्ली। बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के द्वारा पतंजलि के घी में मिलावट के आरोप और रामदेव की ओर से 50 करोड़ रुपये का मानहानि मुकदमा दायर किये जाने के बीच आज दोनों की मुलाकात हुई। बृजभूषण शरण सिंह से मिलने के बाद योग गुरु रामदेव ने प्रेस कांफ्रेंस में इस बात का दावा किया अब सारे विवाद का पटाक्षेप हो गया है। पतंजलि योगपीठ के संस्थापक रामदेव ने कहा, 99% लोग तो सुनी-सुनाई बातों के आधार पर वीडियो बनाने में लगे हुए हैं। आज हमारी बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह से मुलाकात हुई। उन्होंने भी शायद सुनी-सुनाई बातों या किसी वीडियो के आधार पर उनके मन में भ्रांति आ गई थी, लेकिन आज उन्होंने सारे मामले का पटाक्षेप कर दिया। हम उनका हृदय से धन्यवाद करते हैं।
रामदेव ने कहा कि एक व्यक्ति का यही विवेक होना चाहिए कि यदि किसी कारण से कोई गलतफहमी आ जाए, तो उसे खत्म करो। आज बृजभूषण हमसे प्रणाम करके गए और कहा कि हम संत, सनातन का हमेशा आदर करते हैं और जो आप देश के लिए काम करते हैं उसको गौरव देते हैं, इसलिए इस मामले को हम अपनी ओर से खत्म कर रहे हैं। रामदेव ने कहा कि हम तो किसी विवाद को बढ़ाना नहीं चाहते। पिछले दिनों एक और भी विवाद उठा हमने उसे भी वहीं दफन कर दिया। हमारा एक बहुत बड़ा उद्देश्य है। हमारे रग-रग में भारत माता की सेवा का संकल्प है और अंतिम सांस तक हम देश की सेवा करते रहेंगे।
योग गुरु बोले, न तो पतंजलि का गाय का घी नकली है और न ही पतंजलि की कोई दवाई नकली है। न तो रामदेव का संन्यास नकली है। हमने संन्यास गांजा, भांग, धतूरा या सुलफा पीने के लिए नहीं लिया है, हम सुलफइया या नशेड़ी, गंजेड़ी, भंगेड़ी साधु नहीं हैं। हम गांजे की चिलम नहीं लगाते हैं। 365 दिन पारदर्शिता के साथ जीवन जीते हैं। स्वामी रामदेव के नाम पर न एक इंच जमीन है और न एक रुपये का बैंक बैलेंस। जब हम कुछ भी नहीं थे तब भी अकिंचन थे और आज भी जब सब कुछ है तब भी जमीन पर चटाई बिछाकर सोते हैं।
