विपक्ष नहीं, जनता को विश्वास में लेने के लिए सीईसी मजबूती से रखें अपनी बात, ज्ञानेश कुमार को चिराग पासवान का मशवरा
नई दिल्ली। SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर उठते सवालों के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर विपक्ष लगातार हमलावर है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी सीईसी ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग रहे हैं। इस सबके बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए चुनाव आयुक्त को मशवरा दिया है। एनडीए के घटक दल एलजेपी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है। अगर चुनाव आयोग के ऊपर ऐसे सवाल खड़े हो रहे हैं तो मैं मानता हूं कि ये जिम्मेदारी भी चुनाव आयोग की है, खासतौर पर सीईसी की है कि वो अपनी बातों को मजबूती से रखें।
चिराग ने आगे कहा कि विपक्ष क्या बोलता है उससे मुझे फर्क नहीं पड़ता है क्योंकि विपक्ष का काम राजनीति करना है। अगर विपक्ष आरोप नहीं लगाएगा तो वो अपनी राजनीति को साधेगा कैसे। लेकिन राहुल गांधी या विपक्ष को संतुष्ट करने के लिए नहीं बल्कि जनता को विश्वास में लेने के लिए सीईसी ज्ञानेश कुमार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। लेकिन अगर चुनावी प्रक्रिया के ऊपर ही लोगों का विश्वास खत्म हो जाएगा या संदेह खड़ा हो जाएगा तो ये गलत होगा। लोकतंत्र की खूबसूरती के लिए जरूरी है कि चुनावी प्रक्रिया पर कोई संदेह ना हो। ऐसे में चुनाव आयोग को अपनी बातों को और मजबूती से रखना चाहिए। जनता के मन में कोई संदेह न आए, इस बात को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है।
आपको बता दें कि इससे पहले बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने राहुल गांधी और विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा था कि यह हार से बौखलाए विपक्ष की संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश है। पात्रा ने इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के हवाले से कहा कि सीईसी ज्ञानेश कुमार और अन्य दो चुनाव आयुक्तों के 14 बार पत्राचार हुआ है। पात्रा बोले, यह तो एक अच्छे लोकतंत्र की निशानी है।
