October 3, 2026

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आप मेरी राजनीतिक गुरु और प्रेरणा, बीएसपी मेरा परिवार, आकाश आनंद ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मायावती से मांगी माफी

नई दिल्ली। बीएसपी से निकाले जा चुके पूर्व को-ऑर्डिनेटर आकाश आनंद ने अपनी बुआ और पार्टी सुप्रीमो मायावती से सार्वजनिक तौर पर माफी मांगते हुए फिर से पार्टी और मिशन की सेवा का अवसर दिए जाने का अनुरोध किया है। आकाश ने सोशल मीडिया पर एक लंबी चौड़ी पोस्ट की जिमसें उन्होंने दूसरे दलों में जाने की अटकलों को खारिज कर दिया। इसके साथ ही अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निकाले जाने और राजनीति से उनके संन्यास पर भी अपना पक्ष रखा। आकाश ने कहा कि मायावती का यह फैसला उचित है। बता दें कि आकाश को को-ऑर्डिनेटर पद से हटाए जाने और उनकी शक्तियों में कटौती के लिए अशोक सिद्धार्थ को जिम्मेदार ठहराया था। मायावती ने कहा था कि अगर अशोक सिद्धार्थ राजनीति से पूरी तरह संन्यास ले लें तो पार्टी आकाश आनंद को उनकी जिम्मेदारियां वापस देने पर विचार करेगी। इसके बाद अशोक सिद्धार्थ ने तो राजनीति से संन्यास का ऐलान कर दिया था मगर इसके बावजूद मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी से ही निकाल दिया था।

आकाश आनंद की सोशल मीडिया पोस्ट-

परम आदरणीय बहन जी, आप मेरी राजनीतिक गुरु हैं, मेरी प्रेरणा हैं और मेरी बुआ मां भी हैं। राजनीति में मैंने जो कुछ सीखा, वो आप से ही सीखा, जो कुछ किया, आपके मार्गदर्शन में किया इसलिए आज अपनी बात सीधे आपके और पूरे बहुजन समाज के सामने रखना चाहता हूं। पिछले कुछ दिनों से मीडिया और सोशल मीडिया में मेरे बारे में कई तरह की खबरें और अफवाहें चल रही हैं। मैं साफ कर देना चाहता हूं कि मैं किसी दूसरे राजनीतिक दल में नहीं जा रहा। न आज, न कभी। बीएसपी मेरे लिए सिर्फ एक पार्टी नहीं, मेरा परिवार है।

अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निकालने और राजनीति से उनके संन्यास का आपका फैसला पूरी तरह उचित है, और मैं उस फैसले के साथ खड़ा हूं। रिश्ते अपनी जगह हैं, पर मिशन उनसे बड़ा है। व्यक्तिगत और पारिवारिक हितों से ऊपर पार्टी और आंदोलन का हित रखना मेरी जिम्मेदारी है। उस समय मैंने खुद को सोशल मीडिया से दूर कर लिया था, इसलिए आपके उस पोस्ट को रिपोस्ट नहीं कर पाया। मेरी उस चुप्पी को गलत समझा गया, और अफवाहों को जगह मिली। अगर इससे आपको ठेस पहुंची है, तो मैं उसके लिए आपसे क्षमा चाहता हूं।

मैं सिर्फ आपके नेतृत्व में फिर से पार्टी और मिशन की सेवा का अवसर चाहता हूं। विश्वास शब्दों से नहीं, काम से बनता है, और मैं उसे अपने आचरण और अपनी मेहनत से साबित करूंगा। बाबा साहेब का मिशन, उनका रास्ता और आपका नेतृत्व, यही मेरी राजनीति है। जय भीम। जय बसपा।

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