कोरोना के कारण यूपी में रद्द होने लगे राजनीतिक दलों के प्रोग्राम
लखनऊ। कोरोना के बढ़ते केस को देखते हुए यूपी में अब चुनावी रैलियां रद्द होने लगी हैं। पीएम नरेंद्र मोदी को 9 जनवरी को लखनऊ में 10 लाख लोगों की रैली करनी थी। खबर है कि बीजेपी ने इस रैली को रद्द कर दिया है। योगी आदित्यनाथ को भी नोएडा में एक कार्यक्रम करना था, उसे भी रद्द कर दिया गया है। उधर, कांग्रेस ने भी हर जिले में “लड़की हूं, लड़ सकती हूं” वाली मैराथन रैलियों पर रोक लगाने का फैसला किया है। माना जा रहा है कि इस बार तमाम चुनावी रैलियां नहीं होंगी। इसकी जगह पार्टियां वर्चुअल तरीके से प्रचार करेंगी।
यूपी में अगले दो महीने में चुनाव होने जा रहे हैं। वहीं, कोरोना की रफ्तार भी काफी तेज है। ऐसे में चुनावी रैलियों में भीड़ और कोरोना बढ़ने के मसले पर सवाल खड़े हो रहे थे। उधर, कांग्रेस की बरेली में मैराथन के दौरान भगदड़ भी मची थी। 4 जनवरी को हुए इस मैराथन में कई छात्राएं गिरकर घायल हुई थीं। इस वजह से आयोजकों को सवालों का सामना करना पड़ा था। हालांकि, कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने इसे साजिश बताया था। अब खबर है कि कांग्रेस यूपी में कहीं और लड़कियों का मैराथन नहीं कराएगी।
रैली रद्द होने की कड़ी में सीएम योगी आदित्यनाथ की रैली भी है। उनको गुरुवार को नोएडा में मोबाइल और टैबलेट बांटने के बाद रैली करनी थी। नोएडा में लगातार कोरोना केस में बढ़ोतरी के बाद इसे रद्द करने का सरकार ने फैसला किया है। बता दें कि यूपी के नोएडा में सबसे ज्यादा कोरोना केस मिले हैं। अभी ये साफ नहीं हुआ है कि सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव अपनी रैलियों को रोकेंगे या नहीं। वहीं, बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने अब तक एक भी रैली नहीं की है। रैलियों पर रोक लगाने के बारे में चुनाव आयोग भी विचार कर रहा है। माना जा रहा है कि एक-दो दिन में चुनाव आयोग भी इस बारे में कोई दिशानिर्देश जारी कर सकता है।
