नई दिल्ली। देश में घरेलू उड़ान भरने वाली एयरलाइंस के किराए संबंधी नया नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होने जा रहा है। इस बारे में सरकार ने अधिसूचना जारी की है। नए नियम के मुताबिक सरकार किसी खास परिस्थिति के अलावा एयरलाइंस का किराया बढ़ाने या घटाने में दखल नहीं देगी। एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने भारतीय वायुसेवा नियम 2026 की अधिसूचना में कहा है कि अब एयरलाइंस पर किराया बढ़ाने संबंधी पाबंदी नहीं लगाई जाएगी। बता दें कि एयरलाइंस के किराए संबंधी एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भी जारी है।
केंद्र सरकार की अधिसूचना में कहा गया है कि संचालन की लागत के हिसाब से एयरलाइंस को किराया तय करना होगा। किराए की जानकारी डीजीसीए को देनी होगी। साथ ही पारदर्शिता के लिए किराए की जानकारी वेबसाइट पर भी अपलोड करनी होगी। नए नियम में एयरलाइंस से कहा गया है कि वे किराए का ब्रेकअप भी शेयर करें। अधिसूचना में कहा गया है कि एयरलिंस को बेस किराया, टैक्स, फीस, कैंसेलेशन चार्ज और रिफंड संबंधी सभी जानकारियां सार्वजनिक करनी होंगी। अगर किसी तरह के खास हालात बनते हैं, तो सरकार किराया तय करने संबंधी निर्देश दे सकती है।
एयरलाइंस के किराए में मनमानी बढ़ोतरी के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस आर. महादेवन और जस्टिस अपरेश सिंह की बेंच ने 16 अक्टूबर को सुनवाई में केंद्र सरकार को सख्त निर्देश दिए थे। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने निर्देश दिया था कि सरकार हवाई किराए के नए नियमों को अंतिम रूप दे और 16 नवंबर तक कोर्ट में पेश करे। ताकि सुनिश्चित हो सके कि यात्रियों की चिंता का सही समाधान किया गया। सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने बताया था कि एयरलाइंस के किराए को नियंत्रित करने वाले नियमों को प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है। इन नियमों को दो हफ्ते में प्रकाशित किया जाएगा। इससे पहले की सुनवाई में कोर्ट ने यहां तक कहा था कि अगर एयरलाइंस तय नियमों का पालन नहीं करतीं, तो उनके विमानों को जमीन पर खड़ा कर दिया जाए।
