उत्तराखंड

उत्तराखंड की केदारताल घाटी ट्रेकिंग पर गए आठ लोग लापता

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उत्तरकाशी। नेपाल में छह भारतीय पर्यटकों के लापता होने की रविवार को खबर आई थी। अब उत्तराखंड में केदारताल घाटी में ट्रेकिंग करने गए आठ लोगों के लापता होने की जानकारी मिली है। लापता लोगों में एक स्थानीय गाइड भी है। जिला प्रशासन ने केदारताल घाटी में लापता ट्रेकर्स की तलाश के लिए राहत और बचाव अभियान शुरू किया है।

बताया जा रहा है कि केदारताल घाटी में हिमस्खलन हुआ था। जिसके बाद ही केदारताल में ये सभी लोग लापता हुए। जानकारी के मुताबिक केदारताल घाटी में लापता आठ ट्रेकर्स की तलाशने के लिए हेलीकॉप्टर से रविवार को रेकी की गई थी। हेलीकॉप्टर में सवार बचाव दल को न तो ट्रेकर्स नजर आए और न ही उनका कोई सामान ही दिखा। इसके बाद सोमवार सुबह साढ़े सात बजे देहरादून से यूकाडा के हेलीकॉप्टर से हर्षिल के आर्मी हेलीपैड पर नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के एक सदस्य और एनडीआरएफ के जवान को भेजा गया। दोनों को केदारताल भेजा गया है। ताकि वहां ट्रेकर्स के रेस्क्यू मिशन में मदद हो सके।

इससे पहले नेपाल के डोल्पा जिला प्रशासन ने बताया था कि देश की सबसे गहरी झीलों में शामिल शे-फोक्सुंडो झील की तरफ ट्रेकिंग करने गए छह भारतीय पर्यटक लापता हो गए। भारतीय पर्यटक आखिरी बार नेपाल के नुमला पास और बागला पास के इलाके में देखे गए थे। ये सभी डोल्पा बुद्ध ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड नंबर चार और आठ के रास्ते शे-फोक्सुंडो झील की तरफ निकले थे। बीते दिनों अर्णब नाम का चक्रवात आया था। साथ ही पश्चिमी विक्षोभ का भी असर था। इनकी वजह से उत्तराखंड और नेपाल के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी हुई थी। डोल्पो के प्रशासन के मुताबिक भारतीय पर्यटकों को खराब मौसम और खतरनाक पहाड़ी दर्रों के बारे में आगाह भी किया गया था। खबर लिखे जाने तक नेपाल में लापता हुए भारतीय पर्यटकों के बारे में जानकारी नहीं मिल सकी थी। बारिश और बर्फबारी के दौरान ऊंचाई वाले इलाके खतरनाक हो जाते हैं। जहां चट्टानें खिसकने और हिमस्खलन का बड़ा खतरा रहता है।

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