नई दिल्ली। बिहार के मोकामा से बाहुबली विधायक अनंत सिंह की विधायकी पर संकट बरकरार है। बिहार विधानसभा सचिवालय की तरफ से अनंत सिंह को नोटिस जारी किया गया है। अनंत सिंह को अपना पक्ष रखने के लिए सात दिन का समय दिया गया है। दरअसल अनंत कुमार को जेडीयू से निष्कासित किए जाने के बाद पार्टी ने उनकी विधानसभा सदस्यता को रद्द करने का अनुरोध बिहार विधानसभा अध्यक्ष से किया था। इस संबंध में जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी। जेडीयू के इसी आवेदन पर अनंत सिंह को नोटिस जारी किया गया है।
जेडीयू के निर्देशों की लगातार अवहेलना, पार्टी शीर्ष नेतृत्व के लिए अमर्यादित और अपमानजनक भाषा का प्रयोग करने तथा हाल ही संपन्न हुए विधान परिषद चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार के विरुद्ध कार्य करना तथा विरोधी पार्टी के उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार करने के मामले में अनंत सिंह को 6 साल के लिए पार्टी से निकाला गया है। अनंत सिंह के साथ ही उनकी पत्नी और पूर्व विधायक नीलम देवी को भी पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। नीलम देवी को पार्टी से निकाले जाने के बाद उनको राज्य स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के सदस्य पद से भी तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया था और उनको मिला राज्य मंत्री का दर्जा भी वापस ले लिया गया था।
इसी के साथ भवन निर्माण विभाग ने नीलम देवी को निर्देश दिया है कि वो 25 नवंबर, 2026 तक पटना के 1 मॉल रोड स्थित सरकारी आवास को खाली कर दें। दूसरी तरफ दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में आरोपी अनंत सिंह को पटना हाईकोर्ट से मिली जमानत का सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है और मोकामा विधायक को 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का आदेश दिया है। इस तरह फिलहाल अनंत सिंह चौतरफा घिरे हुए हैं।
