बदरीनाथ धाम चढ़ावा चोरी मामले में प्रमोद नौटियाल गिरफ्तार, पूछताछ में हो सकते हैं अहम खुलासे
नई दिल्ली। उत्तराखंड के बदरीनाथ धाम से चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी ने प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार किया है। प्रमोद नौटियाल बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के चेयरमैन के पर्सनल असिस्टेंट के पद पर कार्यरत था। चढ़ावा चोरी मामला सामने आने के बाद पिछले हफ्ते ही उसे सस्पेंड कर दिया था और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। एसआईटी ने रविवार रात 11 बजे के आसपास प्रमोद नौटियाल को देहरादून से गिरफ्तार किया। एसआईटी टीम प्रमोद नौटियाल को लेकर बदरीनाथ पहुंच गई है और वहां अब उससे पूछताछ होगी, जिसमें कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।
एफआईआर दर्ज होने के बाद प्रमोद नौटियाल ने उत्तराखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग करते हुए अपने निलंबन आदेश को चुनौती दी है। अदालत ने इस मामले में बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति से अपना पक्ष रखने को कहा है। कोर्ट ने इसके लिए 16 जुलाई की तारीख तय की है मगर उससे पहले ही प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रारंभिक जांच में कथित तौर पर यह बात सामने आई है कि 2 जुलाई को मंदिर के दान पात्र में आए चढ़ावे की गिनती के दौरान, सुबह 9:00 बजे से 9:30 बजे के बीच गैर-कानूनी तरीके से पैसा वहां से हटाया गया। प्रमोद नौटियाल की देख रेख में ही चढ़ावे की गिनती होती थी। आरोप है कि नौटियाल ने अपने निजी इस्तेमाल के लिए चढ़ावे की रकम का गबन किया।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बहुत ही स्पष्ट शब्दों में कहा था कि एसआईटी की रिपोर्ट में जो भी दोषी होगा उसे छोड़ा नहीं जाएगा। उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सीएम ने कहा था यह अपराध गौ-हत्या और अपने माता-पिता की हत्या करने जैसे महापाप के बराबर है और इस जघन्य अपराध को माफ नहीं किया जा सकता है।
