तय साजिश के तहत पुलिसकर्मियों पर हुआ हमला, जुटाए गए पत्थर और पेट्रोल बम, हल्द्वानी DM ने बताई सच्चाई
नई दिल्ली। हल्द्वानी हिंसा मामले में नया मोड़ आ गया है। हमले में 300 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है, जिसमें 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी है। 6 लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन अब खुद नैनीताल डीएम वंदना सिंह ने हल्द्वानी हिंसा पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि मुसलमान समुदाय के लोगों ने तय साजिश के तहत पुलिस पर हमला बोला, पहले से वहां पर हमला करने के लिए पत्थर इकट्ठा किए, पेट्रोल बम लाए गए और पुलिस पर प्रशासन पर फेंके गए। फिलहाल इलाके में धारा 144 लागू है और इंटरनेट सेवा भी बंद हैं, तो चलिए जानते हैं कि उन्होंने और क्या कहा।
फेंके गए पेट्रोल बम
डीएम वंदना सिंह ने कहा कि “जमीन एमसीडी की थी और कई बार वहां से अतिक्रमण हटाने को लेकर नोटिस भेजा गया। लेकिन समुदाय की तरह से उस जमीन तो नहीं छोड़ा गया, जिसके बाद प्रशासन ने अपनी कार्रवाई की लेकिन भीड़ ने थाने को घेर लिया और थाने के अंदर मौजूद लोगों को बाहर नहीं आने दिया. उन पर पहले पथराव किया गया और फिर पेट्रोल बम से हमला किया गया। थाने के बाहर वाहनों में आग लगा दी गई और धुएं के कारण दम घुटने लगा…पुलिस थाने की सुरक्षा के लिए ही आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया गया…”। उन्होंने आगे कहा कि सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा रहा है कि न तो पुलिस की तरफ से और न ही प्रशासन की तरह से कोई गलत कदम उठाया गया है, न ही प्रवोक करने की कोशिश की गई है। प्रशासन शांति से अपना काम कर रहा था।
कोर्ट के आदेश के बाद हुई कार्रवाई
डीएम नैनीताल वंदना सिंह का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद हल्द्वानी की अलग-अलग जगह पर कार्रवाई की गई थी, सबको नोटिस भेजे गए थे। बता दें कि एक पार्क(मलिक गार्डन) पर मुस्लिम समुदाय ने अपनी मस्जिद बना रखी थी, जो कि एमसीडी की जमीन थी, प्रशासन ने नोटिस भेजने के बाद कार्रवाई की लेकिन भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया।
