कौन थे डॉ. मनोहर जोशी जिन्हें राजनीति की दुनिया में मिला “सर” का दर्जा, आज हुआ निधन
नई दिल्ली।महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. मनोहर जोशी का निधन हो गया है। मनोहर जोशी लंबी बीमारी और उम्र संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। शुक्रवार सुबह ही मनोहर जोशी ने अंतिम सांस ली है। बताया जा रहा है गुरुवार को उनको दिल का दौरा बड़ा था और उन्हें अस्पताल ले जाया गया था। खबर सामने आने के बाद राजनेता सोशल मीडिया के जरिए दुख जाहिर कर रहे हैं। डॉ. मनोहर जोशी का राजनीतिक करियर उम्दा रहा था। उन्होंने लोकसभा के अध्यक्ष पद को संभाला था। तो चलिए जानते हैं कि महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. मनोहर जोशी का राजनीतिक करियर कैसा रहा था।
“सर” नाम से थे पॉपुलर
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. मनोहर जोशी को राजनीति की दुनिया में “सर” कहकर बुलाया जाता था। ये उनका पॉपुलर नाम था। जोशी लोकसभा के अध्यक्ष भी रहे थे लेकिन उन्होंने चारों कानून बनाने वाली संस्थाओं में बड़े पदों को संभाला था। वो महाराष्ट्र के विधानमंडल के दोनों सदन और परिषद के सदस्य थे। राजनीतिक गलियारों में उनकी मोमरी को लेकर कई तरह की बातें की जाती थी। उनकी याददाश्त बहुत तेज थी और वो कुछ नहीं भूलते थे..। उन्हें अलग-अलग विषयों का बहुत ज्यादा ज्ञान था। पढ़ाई की बात करें तो पढ़े-लिखे होने के साथ-साथ वो एक सफल राजनीतिज्ञ और व्यवसायी रहे।
अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में रहे उद्योग मंत्री
डॉ. जोशी साल 1995 से लेकर 1999 तक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद पर रहे थे। इसके अलावा विपक्ष के नेता और मुंबई के मेयर का पद भी संभाला। साल 2002 से लेकर 2004 तक उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष के तौर पर काम किया। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में वो उद्योग मंत्री भी रहे।
शिवसेना में शामिल होकर की राजनीतिक करियर की शुरुआत
डॉ. जोशी मूल रूप से महाराष्ट्र के ही रहने वाले थे। उनका जन्म महाराष्ट्र के तटीय कोंकण क्षेत्र के रायगढ़ जिले के नंदवी में हुआ था। उन्होंने आर्ट में मास्टर्स और एलएलबी का कोर्स भी किया। उनके राजनीतिक करियर के शुरुआत बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) में काम करने के दौरान हुई थी, जब उन्होंने बालासाहेब के मराठी-माणूस के कल्याण में अपनी भागीदारी निभाई और शिवसेना का हिस्सा बन गए।
