February 15, 2026

Hind foucs news

hindi new update

कोरोना के बढ़ते मामलों पर एक्शन में PM मोदी, कहा-‘अलर्ट रहने की जरूरत’

नई दिल्ली। देश में बीते दिनों से कोरोनावायरस के मामलों में लगातार बढ़ोत्तरी देखने को मिली रही है। बीते 24 घंटे में करीब 3000 के मामले सामने आए है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश समेत कुछ राज्यों में कोरोना के मामलों में तेजी देखी जा रही हैं। वहीं कोरोना के बढ़ते मामलो को लेकर केंद्र की मोदी सरकार एक्शन मोड में आ गई है। मोदी सरकार इसको लेकर अलर्ट पर है। इसी कड़ी में बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  ने मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। बता दें कि ये बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई। इस बैठक के बाद पीएम मोदी ने मीडिया से रूबरू हुए।

पीएम मोदी के संबोधन की अहम बातें-

महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, झारखंड, तमिलनाडु ने किसी न किसी कारण से केंद्र सरकार की बातों को नहीं माना और उन राज्य के नागरिकों पर बोझ पड़ता रहा। मेरी प्रार्थना है कि नंवबर में जो करना था, अब वैट कम करके आप नागरिकों को इसका लाभ पहुंचाएं।

पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमत का बोझ कम करने के लिए केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में पिछले नवंबर में कमी की थी। राज्यों से भी आग्रह किया गया था कि वो अपने यहां टैक्स कम करें। कुछ राज्यों ने तो अपने यहां टैक्स कम कर दिया, लेकिन कुछ राज्यों ने अपने लोगों को इसका लाभ नहीं दिया गया।

जो युद्ध की परिस्थिति पैदा हुई है, जिससे सप्लाई चैन प्रभावित हुई है, ऐसे माहौल में दिनों-दिन चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं। ये वैश्विक संकट अनेक चुनौतियां लेकर आ रहा है। ऐसे में केंद्र और राज्य के बीच तालमेल को और बढ़ाना अनिवार्य हो गया है।

आज की वैश्विक परिस्थितियों में भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए आर्थिक निर्णयों में केंद्र और राज्य सरकारों का तालमेल, सामंजस्य पहले से अधिक आवश्यक है।

सभी योग्य बच्चों का जल्द से जल्द टीकाकरण हमारी प्राथमिकता है। इसके लिए पहले की तरह स्कूलों में विशेष अभियान चलाने की जरूरत भी होगी। टीचर्स और माता-पिता इसे लेकर जागरूक रहें, हमें ये भी सुनिश्चित करना होगा।

मार्च में हमने 12-14 वर्ष के बच्चों के लिए टीकाकरण शुरु कर दिया था। कल 6-12 वर्ष के बच्चों के लिए भी को-वैक्सीन टीके की अनुमति मिल गई है।

हमारे देश में लंबे समय के बाद स्कूल खुले हैं। ऐसे में कोरोना केस के बढ़ने से परिजनों की चिंता बढ़ रही है। कुछ स्कूलों से बच्चों के संक्रमित होने की खबरें आ रही हैं। संतोष का विषय है कि ज्यादा से ज्यादा बच्चों को वैक्सीन का कवच मिल रहा है।

इंफ्रास्ट्रक्चर के अपग्रेड का काम तेजी से चलता रहे, ये सुनिश्चित करना चाहिए। बिस्तर, वेंटिलेटर और पीएसए ऑक्सीजन प्लांट जैसी सुविधाओं के लिए हम काफी बेहतर स्थिति में हैं लेकिन ये सुविधाएं कार्यांवित रहे, हमें ये भी सुनिश्चित करना होगा।

Test, Track और Treat की हमारी स्ट्रैटेजी को भी हमें उतने ही प्रभावी तौर पर लागू करना है। आज कोरोना की जो स्थिति है उसमें ये जरूरी है कि अस्पतालों में भर्ती मरीजों में जो हमारे गम्भीर इन्फ्लूएंजा के केस हैं, उनका शत प्रतिशत RT-PCR टेस्ट हो।

हमारे वैज्ञानिक और विशेषज्ञ नेशनल और ग्लोबल स्थिति को लगातार मॉनिटर कर रहे हैं। उनके सुझावों पर हमें pre-emptive, pro-active और collective approach के साथ हमें काम करना होगा। संक्रमण को शुरुआत में ही रोकना हमारी प्राथमिकता पहले भी थी, आज भी यही रहना चाहिए।

तीसरी लहर के दौरान हमने हर दिन 3 लाख से अधिक केस देखे। हमारे सभी राज्यों ने इन्हें हैंडल भी किया और बाकी सभी सामाजिक, आर्थिक गतिविधियों को भी गति दी।

बीते 2 वर्षों में कोरोना को लेकर ये हमारी 24वीं बैठक है, कोरोना काल में जिस तरह केंद्र और राज्यों ने मिलकर काम किया है और जिन्होंने कोरोना के खिलाफ देश की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई है मैं सभी कोरोना वॉरियर्स की प्रशंसा करता हूं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed