‘अग्निपथ’ पर कांग्रेस के दो दिग्गज नेता भिड़े, जयराम रमेश पर इस वजह से मनीष तिवारी ने किया पलटवार
नई दिल्ली। सेना में भर्ती की ‘अग्निपथ योजना’ के खिलाफ जहां कांग्रेस लगातार सत्याग्रह आंदोलन कर रही है। वहीं, उसके दो दिग्गज नेताओं के बीच इस मसले पर जंग छिड़ गई है। इस जंग में दोनों महारथी नेता हैं। एक का नाम जयराम रमेश है। दूसरे नेता मनीष तिवारी हैं। दरअसल, हुआ यूं कि मनीष तिवारी ने अग्निपथ योजना के फायदे गिनाते हुए इसे देश की रक्षा सेवा के लिए बड़ा कदम बताने वाला लेख अखबार में लिखा। इसी पर जराम रमेश ने ट्वीट किया और कहा कि मनीष तिवारी का लेख कांग्रेस का अधिकृत बयान नहीं, बल्कि उनकी निजी राय है। जयराम रमेश का ये ट्वीट सामने आने के बाद मनीष तिवारी ने पलटवार करते हुए ट्वीट किया। इस ट्वीट में मनीष ने लिखा कि जयराम अच्छी तरह देख लें कि मेरे लेख में ये निजी राय ही बताई गई है। पहले आप पढ़िए कि जयराम रमेश ने क्या ट्वीट किया, जिसपर मनीष तिवारी ने पलटवार किया है।
मनीष तिवारी दरअसल काफी समय से कांग्रेस में साइडलाइन हैं। वो और जयराम दोनों ही सांसद हैं, बावजूद इसके हाल के दिनों में मोदी सरकार के तमाम फैसलों को मनीष तिवारी ने सही बताया है। कांग्रेस आलाकमान यानी गांधी परिवार ने जब राजस्थान में चिंतन शिविर किया था, तो मनीष तिवारी को बुलाया नहीं था। इस पर भी मनीष ने पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाए थे। बीते दिनों जयराम रमेश के राज्यसभा सांसद बनने के बाद कांग्रेस ने उनको मीडिया का प्रमुख बना दिया। अब जयराम के ट्वीट के जवाब में मनीष तिवारी ने उनपर निशाना साधते हुए आईना दिखाया है। यहां आप देख सकते हैं कि मनीष ने किस तरह जयराम पर पलटवार किया।
बता दें कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी लगातार अग्निपथ योजना के खिलाफ बयान दे रहे हैं। राहुल के साथ ही तमाम कांग्रेस नेता इस मसले पर कई दिनों से सत्याग्रह कर रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि अग्निपथ योजना से देश की सुरक्षा को खतरा है। पार्टी का कहना है कि वो मोदी सरकार को ये योजना वापस लेने के लिए मजबूर कर देगी। अग्निपथ योजना के तहत 4 साल के लिए सेना के तीनों अंगों में जवानों की भर्ती होनी है। इनमें से 25 प्रतिशत को छोड़कर बाकी को रिटायर कर दिया जाएगा। रिटायरमेंट पर उनको करीब 12 लाख रुपए दिए जाएंगे। इसके अलावा पुलिस, सेना, तटरक्षक, केंद्रीय बलों और निजी कंपनियों में नौकरी दिलाई जाने की योजना है।
