नोएडा ट्विन टावर गिराए जाने के बाद अब इस मामले में भ्रष्टाचारियों पर एक्शन की तैयारी में योगी सरकार
लखनऊ। नोएडा के सेक्टर 93-ए में बने सुपरटेक के ट्विन टावर को रविवार को विस्फोट कर गिराए जाने के बाद इन्हें नियम विरुद्ध बनाने के मामले में आरोपियों की जिंदगी में भी अब कार्रवाई का धमाका होने जा रहा है। दोनों ट्विन टावर को सपा और बीएसपी सरकार के दौरान मंजूरी मिली और इन्हें बनाया गया। अब यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार भ्रष्टाचार के इन दोनों टावर को मंजूरी देने में नियम कायदों को ताक पर रखने वालों के खिलाफ एक्शन मोड में आने जा रही है। ये जानकारी यूपी के एसीएस होम अवनीश कुमार अवस्थी ने मीडिया को दी। अवनीश अवस्थी ने बताया कि इस मामले में आरोपियों की पहचान हो चुकी है और कानून से कोई बच नहीं सकेगा।
सुप्रीम कोर्ट में जब ये मामला चला और वहां से टावर गिराने के आदेश हुए, तो योगी सरकार ने सितंबर 2021 में 4 सदस्यों की कमेटी बनाकर पूरे मामले की जांच कराई। जांच कमेटी ने नोएडा अथॉरिटी के 26 अफसरों और कर्मचारियों की संलिप्तता इस मामले में बताई। इसके अलावा सुपरटेक बिल्डर्स के निदेशक और उनके आर्किटेक्ट भी भ्रष्टाचार के ट्विन टावर मामले में आरोपी के तौर पर पहचाने गए। इसके बाद योगी सरकार ने अक्टूबर 2021 में इन सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज काई। नोएडा की जिला अदालत में केस भी दर्ज चल रहा है। अब ये भी जान लीजिए कि कौन कौन से अफसर और अन्य लोग इस मामले में आरोपी के तौर पर पहचाने गए हैं और अब योगी सरकार के एक्शन की जद में हैं।
ट्विन टावर मामले में भ्रष्टाचार के खुले खेल में फंसे अफसर और कर्मचारियों में नोएडा अथॉरिटी के तत्कालीन सीईओ और अब रिटायर्ड आईएएस मोहिंदर सिंह, सीईओ रहे और अब रिटायर्ड एसके द्विवेदी, एडिशनल सीईओ रहे और अब रिटायर्ड आरपी अरोड़ा, रिटायर्ड विशेष कार्याधिकारी यशपाल सिंह, रिटायर्ड प्लानिंग असिस्टेंट और स्वर्गीय मेराजुद्दीन, अभी यमुना प्राधिकरण में प्रभारी एमडी और तत्कालीन संयुक्त नगर नियोजक ऋतुराज व्यास, रिटायर्ड नगर नियोजक एसके मिश्रा, रिटायर्ड वरिष्ठ नगर नियोजक राजपाल कौशिक, रिटायर्ड मुख्य वास्तुविद नियोजक त्रिभुवन सिंह, रिटायर्ड डिप्टी एमडी शैलेंद्र कैरे, रिटायर्ड परियोजना अभियंता बाबूराम, रिटायर्ड प्लानिंग असिस्टेंट टीएन पटेल, रिटायर्ड मुख्य वास्तुविद नियोजक वीए देवपुजारी, यूपी राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण में अभी तैनात अनीता, रिटायर्ड एसोसिएट आर्किटेक्ट एनके कपूर, गीडा में अभी तैनात मुकेश गोयल, रिटायर्ड सहायक वास्तुविद प्रवीण श्रीवास्तव, रिटायर्ड विधि अधिकारी ज्ञानचंद, रिटायर्ड विधि सलाहकार राजेश कुमार, प्लानिंग असिस्टेंट रहे स्वर्गीय डीपी भारद्वाज, संयुक्त नगर नियोजक विमला सिंह, रिटायर्ड जीएम विपिन गौड़, रिटायर्ड परियोजना अभियंता एमसी त्यागी, मुख्य परियोजना अभियंता केके पांडेय, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी पीएन बाथम, रिटायर्ड वित्त नियंत्रक एसी सिंह, सुपरटेक के डायरेक्टर आरके अरोड़ा, संगीता अरोड़ा, अनिल शर्मा और विकास कंसल, सुपरटेक के आर्किटेक्ट दीपक मेहता एंड एसोसिएट के दीपक मेहता और मोडार्क आर्किटेक्ट के नवदीप कुमार आरोपी हैं।
