सरकार को हटाने…मुस्लिमों की जनसंख्या बढ़ाने की साजिश थी!, छांगुर बाबा पर एनआईए कोर्ट ने तय किए आरोप
लखनऊ। यूपी में 2024 को अवैध धर्मांतरण के आरोप में जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले की जांच एनआईए को सौंपी गई थी। अब एनआईए कोर्ट ने छांगुर और सात अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए हैं। इस मामले में एनआईए कोर्ट में 2 मई से गवाहियां शुरू होंगी। एनआईए ने विदेशी फंड के जरिए लालच और डर दिखाकर गैर मुस्लिमों के धर्मांतरण का आरोप जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा और अन्य आरोपियों पर लगाए हैं। छांगुर के अलावा नीतू उर्फ नसरीन, शहाबुद्दीन, सबरोज, राजेश उपाध्याय, रशीद, नवीन रोहरा उर्फ जमालुद्दीन और महबूब आरोपी हैं।
एनआईए कोर्ट में छांगुर और आरोपियों पर आरोप में कहा गया है कि इस गैंग का इरादा धर्मांतरण कराकर मुस्लिमों की जनसंख्या बढ़ाने का था। मुस्लिमों की जनसंख्या बढ़ाकर देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता को छिन्न-भिन्न करने का आरोप इन पर है। इसके अलावा लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार को हटाकर छांगुर का गैंग शरिया कानून लागू करना चाहता था। कोर्ट ने कहा कि आरोपियों का इरादा भारत की चुनी सरकार को हटाकर इस्लामी राष्ट्र बनाने का था। एनआईए कोर्ट ने कहा कि आरोपियों ने जो किया, वो भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश है। साथ ही कोर्ट ने दो समुदायों के बीच धार्मिक आधार पर घृणा और वैमनस्यता भड़काने का भी मामला माना है।
छांगुर बाबा और अन्य आरोपियों पर धोखाधड़ी, छेड़छाड़, गैंगरेप, साजिश, अवैध धर्मांतरण और एससी/एसटी एक्ट की धाराएं भी एनआईए ने लगाई हैं। वहीं, छांगुर समेत सभी आरोपियों ने खुद पर लगे आरोपों को गलत बताया और इस पर विचार करने की अपील की। एनआईए कोर्ट ने आरोप तय करने के बाद एनआईए से कहा कि वो गवाहों को पेश करे। छांगुर बाबा और आरोपियों को पहले यूपी एटीएस ने गिरफ्तार किया था। जिसके बाद मामला एनआईए को सौंपा गया। एनआईए के मुताबिक छांगुर बाबा और आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं। छांगुर का मामला सामने आने के बाद काफी चर्चा में रहा था। अगर कोर्ट में आरोप साबित हुए, तो पहली बार एक बड़े धर्मांतरण और शरिया लागू करने का इरादा रखने वाले गैंग पर कानूनी कार्रवाई होगी।
