February 16, 2026

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फिर ओमप्रकाश राजभर का साथ लेकर ‘मिशन 2024’ पूरा करने की तैयारी में बीजेपी? सीएम योगी से मुलाकात पर चर्चा गर्म

लखनऊ। मंगलवार रात यूपी की राजधानी लखनऊ में हुई दो नेताओं की मुलाकात ने सियासी चर्चाओं को गरमा दिया है। ये मुलाकात सीएम योगी आदित्यनाथ और सुहेलदव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के चीफ ओमप्रकाश राजभर की हुई। राजभर के साथ उनके बेटे और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण राजभर भी थे। ओमप्रकाश राजभर की सीएम योगी से मुलाकात पर ये चर्चा जोर पकड़ रही है कि वो एक बार फिर बीजेपी के साथ आ सकते हैं। बता दें कि राजभर ने योगी पर पिछड़ी जाति के विरोधी होने का आरोप लगाकर 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद बीजेपी से नाता तोड़ लिया था। उसके बाद वो लगातार योगी के खिलाफ बयान देते रहे। इस साल यूपी विधानसभा चुनाव से पहले ओमप्रकाश राजभर समाजवादी पार्टी के चीफ अखिलेश यादव के साथ थे। तब उन्होंने ये तक कहा था कि बीजेपी को पाताल में पहुंचा देंगे।

ओमप्रकाश राजभर ने सीएम योगी से मुलाकात के बारे में मीडिया को अबसे थोड़ी देर पहले जानकारी दी। उन्होंने फिर योगी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि भर और राजभर जातियों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने के मसले पर वो सीएम योगी से मिलने गए थे। उन्होंने कहा कि ये दोनों जातियां छूट गई थीं। राजभर ने बताया कि योगी ने इस बारे में तत्काल फाइल बनाकर केंद्र सरकार को भेजने के निर्देश दिए हैं। सुभासपा चीफ के मुताबिक सीएम योगी ने भर और राजभर को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने पर सहमति जताई है। उन्होंने ये भी कहा कि सीएम से हमने भू-माफिया के मुद्दे और गरीब दलितों को न उजाड़े जाने के बारे में भी बात की। सीएम योगी ने इस बारे में कार्रवाई का भी आश्वासन दिया है।

अपने योगी और बीजेपी विरोधी बयानों को ओमप्रकाश राजभर ने विधानसभा चुनाव में सपा गठबंधन के हारने के बाद बदल लिया। उन्होंने अखिलेश की मुखालिफत शुरू की। उन्हें एसी में बैठा रहने वाला नेता बताया। फिर राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को वोट देने का राजभर ने एलान किया था। पिछले दिनों सुभासपा चीफ ने ये भी कहा था कि योगी आदित्यनाथ ईमानदार हैं, लेकिन उनके कुछ अफसर सरकार की छवि को मिट्टी में मिलाने का काम कर रहे हैं। राजभर ने ये बयान भी दिया था कि योगी सरकार में व्यापारी खुद को सुरक्षित महसूस कर रहा है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि बीजेपी के साथ राजभर फिर जा सकते हैं। यूपी के पूर्वांचल में कई जिलों में राजभर की पार्टी का दबदबा है।

बीजेपी ने बीते दिनों लक्ष्य तय किया था कि ‘मिशन 2024’ के तहत यूपी की सभी 80 लोकसभा सीटें जीतनी हैं। बिहार के सीएम नीतीश कुमार के कुर्मी समुदाय के तमाम वोटर पूर्वांचल में हैं। नीतीश आजकल बीजेपी के खिलाफ विपक्षी दलों को एकजुट करने में जुटे हैं। माना जा रहा है कि नीतीश कुमार की काट के तहत ही एक बार फिर ओमप्रकाश राजभर की सुभासपा को बीजेपी अपने साथ जोड़ सकती है। राजभर को भी सत्ता के करीब रहने से फायदा होने की उम्मीद है। राजभर ने हालांकि सपा गठबंधन से बाहर आने के बाद बीएसपी चीफ मायावती के करीब जाने की कोशिश की, लेकिन वहां उनकी दाल नहीं गली। बता दें कि पिछले दिनों ही योगी सरकार ने ओमप्रकाश राजभर को सुरक्षा मुहैया कराई थी।

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