कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के मंत्री प्रियंक खरगे का विवादित बयान, आरएसएस को शैतान और बीजेपी को उसकी छाया बताया
बेंगलुरु। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे और कर्नाटक की सिद्धारामैया सरकार में मंत्री प्रियंक खरगे लगातार आरएसएस और बीजेपी के खिलाफ बयान देते रहते हैं। प्रियंक खरगे ने एक बार फिर आरएसएस और बीजेपी के बारे में ऐसा बयान दिया है, जो विवाद खड़ा कर सकता है। एक सार्वजनिक कार्यक्रम में प्रियंक खरगे ने आरएसएस को शैतान और बीजेपी को उसकी छाया बताया। उन्होंने आरएसएस की फंडिंग, कानूनी स्थित और संवैधानिक जवाबदेही पर भी सवाल खड़ा किया। प्रियंक खरगे ने आरएसएस पर वित्तीय अनियमितता के आरोप भी लगाए हैं।
प्रियंक खरगे ने कहा कि अगर आरएसएस न होता, तो बीजेपी की स्थिति और खराब होती। कर्नाटक के मंत्री ने कहा कि हम आज शैतान की छाया से लड़ रहे हैं। उन्होंने शैतान के तौर पर आरएसएस और छाया के तौर पर बीजेपी का नाम लिया। कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर हम छाया से नहीं, असली स्रोत से लड़ें, तो देश खुद ब खुद बेहतर होगा। प्रियंक खरगे ने दावा किया कि उनकी जानकारी के मुताबिक आरएसएस में गुरु दक्षिणा को ध्वज से जोड़ा जाता है। प्रियंक ने आरएसएस से धन के स्रोत के बारे में पूछने पर गुरु दक्षिण का हवाला दिया। कांग्रेस नेता ने कहा कि कोई व्यक्ति अपना झंडा लगाकर चंदा इकट्ठा करे, तो क्या सरकार और आरएसएस उसे स्वीकारेंगे?
कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियंक खरगे ने कहा कि जब तक संविधान और कानून के तहत आरएसएस रजिस्टर्ड नहीं हो जाता, वो संगठन के आर्थिक स्रोत के बारे में सवाल उठाते रहेंगे। खरगे ने कहा कि आरएसएस का 2500 से ज्यादा संगठनों का नेटवर्क है। अमेरिका और ब्रिटेन में उसकी इकाइयां हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि संघ की फंडिंग के स्रोतों की पारदर्शिता पर सवाल उठना चाहिए। जब आम लोगों और संस्थाओं को टैक्स देना पड़ता है और लेन-देन का हिसाब होता है, तो आरएसएस इससे अलग क्यों है? बता दें कि प्रियंक खरगे पहले कई बार कह चुके हैं कि आरएसएस पर प्रतिबंध लगना चाहिए। उनके इस बयान पर सियासत काफी गर्माई थी।
