मणिशंकर अय्यर ने अब कांग्रेस को ही लपेटा, बोले- केरल में नहीं जीत सकेगी
नई दिल्ली। विवादित बयान देने की वजह से आए दिन चर्चा में रहने वाले और केंद्र की यूपीए सरकार में मंत्री रहे मणिशंकर अय्यर ने इस बार कांग्रेस को ही लपेट लिया है। मणिशंकर अय्यर ने कांग्रेस के नेताओं शशि थरूर, जयराम रमेश और पवन खेड़ा पर निशाना साधा। साथ ही अय्यर ने ये दावा भी कर दिया कि कांग्रेस इस बार भी केरल विधानसभा चुनाव नहीं जीत सकेगी। एनडीटीवी से बात करते हुए मणिशंकर अय्यर ने ये बयान दिया। रिपोर्ट के मुताबिक मणिशंकर अय्यर ने कहा कि केरल विधानसभा का चुनाव कांग्रेस नहीं जीत सकेगी, क्योंकि पार्टी के नेता कम्युनिस्टों से उतनी नफरत नहीं करते, जितनी एक-दूसरे से करते हैं।
मणिशंकर अय्यर ने कहा कि वो चाहते हैं कि केरल में कांग्रेस जीते, लेकिन कांग्रेस के नेता बंटे हुए हैं। अय्यर ने तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर को पाकिस्तान विरोधी बताया और कहा कि थरूर अगला विदेश मंत्री बनने की चाहत रखते हैं। मणिशंकर अय्यर ने कांग्रेस के राज्यसभा सांसद जयराम रमेश के बारे में कहा कि उनको अपनी नौकरी बचानी है। अय्यर ने कांग्रेस के प्रवक्ता पवन खेड़ा के बारे में कहा कि वो पार्टी प्रवक्ता नहीं, कठपुतली हैं। उन्होंने कहा कि पवन खेड़ा बीते दो साल से मुझ पर आरोप लगा रहे हैं। अगर कांग्रेस को पवन खेड़ा के सिवा कोई और प्रवक्ता न मिला, तो उसकी हालत ऐसी ही होगी।
कांग्रेस के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा था कि मणिशंकर अय्यर का पार्टी से लेना-देना नहीं है। उन्होंने मणिशंकर अय्यर के विचारों को निजी बताया था। इसी पर अय्यर की पवन खेड़ा के बारे में बयान आया है। मणिशंकर अय्यर लगातार पाकिस्तान परस्ती दिखाते रहे हैं। इस वजह से उन्होंने कांग्रेस को कई बार सवालों के घेरे में खड़ा किया है। मणिशंकर अय्यर के ताजा बयान पर केरल कांग्रेस के नेता रमेश चेन्नीथला ने कहा कि उनको कोई टिप्पणी नहीं करनी, क्योंकि पवन खेड़ा कह चुके हैं कि मणिशंकर अय्यर पार्टी में नहीं हैं।
मणिशंकर अय्यर ने 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले कहा था कि नरेंद्र मोदी कभी पीएम नहीं बन सकेंगे। चाहें, तो कांग्रेस के कार्यक्रम के बाहर उनके लिए चाय का स्टॉल लगवा सकते हैं। अय्यर के ऐसे ही बयानों से खूब विवाद पैदा हुआ था और 2014 में केंद्र की सत्ता से कांग्रेस जो बाहर हुई, उसके बाद उसकी अब तक वापसी नहीं हो सकी है। यहां तक कि तमाम राज्यों का शासन भी कांग्रेस ने गंवा दिया है। अब कांग्रेस की खुद की सरकारें हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में हैं। जबकि, वो झारखंड की जेएमएम सरकार और जम्मू-कश्मीर की उमर अब्दुल्ला सरकार की सहयोगी है।
