Pakistan Financial Emergency: पाकिस्तान में आर्थिक आपातकाल का ऐलान
नई दिल्ली। आखिरकार कंगाली, बदहाली, बेबसी और लाचारी से जूझ रहे पाकिस्तान के साथ वही हुआ जिसकी आशंका पिछले कई दिनों से जताई जा रही थी। इमरान खान से लेकर शहबाज शरीफ मुल्क की बदहाली को दुरूस्त करने में नाकाम रहे जिसका नतीजा यह हुआ कि अब शहबाज हुकूमत को वहां आर्थिक आपातकाल का ऐलान करना पड़ा है। पाकिस्तानी सरकार ने प्रेस विज्ञप्ति सार्वजनिक कर देश में आर्थिक आपताकाल की घोषणा की है। इस घोषणा के बाद सरकार को अपने राजकीय व्यय में भारी कटौती करनी होगी। तभी स्थितियों का सुचारू संचालन किया जा सकेगा।
बता दें कि पाकिस्तानी नीति निर्माताओं को आर्थिक आपातकाल लगाने की दिशा में बाध्य होना पड़ा है। चूंकि वहां आर्थिक बदहाली दिन ब दिन बढ़ती ही जा रही है। शहबाज हुकूमत भी इस स्थिति को बदलने में नाकाम साबित हुई। कई अर्थशास्त्री का पाकिस्तान की मौजूदा स्थिति को लेकर कहना है कि अगर देश में यह स्थिति बदस्तूर जारी रही तो हमें भी आगामी दिनों में श्रीलंका जैसी स्थिति का सामना करने से कोई नहीं रोक पाएगा। पाकिस्तानी नीति निर्माताओं का कहना है कि निकट भविष्य में राजनीतिक अस्थिरता से बचने के लिए आर्थिक आपातकाल का ऐलान करना पड़ा है, ताकि आगामी दिनों में आर्थिक मोर्चे पर स्थिति को बदहाल होने रोका जा सकें।
ध्यान रहे, पाकिस्तान में आर्थिक बदहाली की स्थिति इमरान के दौर से ही देखने को मिल रही है। इसी आर्थिक बदहाली की वजह से इमरान को सत्ता भी गंवानी पड़ी थी। जिसके बाद शहबाज प्रधानमंत्री की कुर्सी पर विराजमान हुए, तो देशवासियों को उनसे बड़ी ही उम्मीदें थीं, लेकिन अफसोस वह इन उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए, जिसका नतीजा यह हुआ कि आज देश में आर्थिक आपातकाल लगाने का फैसला किया गया है। बहरहाल, अब आगामी दिनों में पाकिस्तान अपनी वित्तीय स्थिति को दुरूस्त करने की दिशा में क्या कदम उठाता है। इस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी, लेकिन उससे पहले आइए जानते हैं कि आखिर आर्थिक आपातकाल के दौरान किसी देश में क्या कुछ परिवर्तन आते हैं।
