June 2, 2026

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कोरोना नहीं नॉर्मल फ्लू… चीन में आखिर प्रोपेगेंडा क्यों फैला रही शी जिनपिंग सरकार?

बीजिंग। चीन में कोरोनावायरस के प्रसार के बाद से ही वहां की सरकार लगातार लॉकडाउन लगाए हुए हैं लेकिन के बावजूद भी अब तक हालात अच्छे नहीं हो पाए हैं। वहीं पल-पल गहराते कोरोना संकट के बीच शी जिनपिंग की प्रोपेगेंडा टीम अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रही है। चीनी मीडिया की रिपोर्ट है कि सरकार की टीम लोगों के बीच यह संदेश दे रहे हैं कि उन्हें जानलेवा कोरोना नहीं नॉर्मल फ्लू ने जकड़ा है। इससे बचने के लिए पारंपरिक दवाएं लेने की भी सलाह दी जा रही है। बाकायदा चीनी सरकार ने पारंपरिक दवाओं का उत्पादन भी बढ़ा दिया है। यह वह दवा है जिसे कई देश प्रतिबंधित कर चुके हैं और यूज के लिए चेतावनी भी दे चुके हैं। चीन की सरकार कोविड-19 मामलों में वृद्धि को रोकने के लिए ‘लियानहुआ क्विंगवेन’ नामक पारंपरिक चीनी दवा के उत्पादन और वितरण को बढाने का प्रयास कर रही है।

आपको बता दें कि चीनी सरकार द्वारा शहरों में लोगों के बीच इस पारंपरिक दवाई की सप्लाई की जा रही है। इससे पहले भी कोरोना के शुरुआती चरण में शी जिनपिंग सरकार ने कोरोना के खिलाफ उपचार के लिए इस दवा को आधिकारिक तौर पर यूज की मंजूरी दी थी। लेकिन, यह बात भी ध्यान रखना जरूरी है कि कई देशों में यह दवा प्रतिबंधित है। पारंपरिक दवाओं का हो रहा विरोध कोरोना को लेकर चीनी सरकार के अजीबो-गरीब नियम उसी के लोगों पर भारी पड़ रहे हैं। लोगों द्वारा कोरोना के उपचार के रूप में दी जाने वाली पारंपरिक दवा के असर पर अलग-अलग राय है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक, कुछ देशों में इसके उपयोग के खिलाफ चेतावनी जारी हुई। इसे बैन भी किया है।

गौर करने वाली बात यह है कि ऐसे समय में भी लोग अब सरकार का विरोध कर रहे हैं और पारंपरिक दवाओं का विरोध कर रहे हैं। इस दवा के बजाय लोगों की मांग है कि उन्हें पेरासिटामोल जैसी आधुनिक दवाएं मिलनी चाहिए लेकिन, वर्तमान में चीन में आधुनिक दवाओं का टोटा है। कोरोना नहीं नॉर्मल फ्लू हुआ है चीन में आलम यह है कि उसके करीब हर एक शहर में लाखों की संख्या में कोरोना केस सामने आ रहे हैं। लेकिन, सरकार अभी भी अपनी नाकामी छिपा रही है। सरकार की प्रोपेगेंडा टीम लोगों में भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रही है कि उन्हें जानलेवा कोरोना नहीं नॉर्मल फ्लू ने जकड़ा है। सरकार लोगों से इसके इलाज के लिए घर पर ही पारंपरिक दवाओं का इस्तेमाल करने की एडवाइस दे रही है।

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