चीन ने चालबाजी कर अरुणाचल के 11 स्थानों के बदले नाम, भारत ने दिया तगड़ा जवाब
नई दिल्ली। चीन अपनी चालबाजी से बाज नहीं आ रहा है। अरुणाचल प्रदेश को दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा बताने वाले चीन ने अब भारत के इस राज्य के 11 स्थानों के नाम बदलकर उसकी लिस्ट जारी की है। चीन इससे पहले 2 बार ऐसी ही हरकत कर चुका है। भारत ने चीन की तरफ से अरुणाचल प्रदेश की जगहों के नाम बदले जाने को अस्वीकार्य बताया है।
चीन अरुणाचल प्रदेश को जंगनान नाम से संबोधित करता है। उसके गृह मंत्रालय ने अरुणाचल प्रदेश के इन 11 जगहों के नए नाम चीन की भाषा मैंडरिन, तिब्बती और पिनयिन भाषा में जारी किए। चीन ने इससे पहले साल 2018 में 6 और 2021 में अरुणाचल के 15 जगहों का नाम बदलकर लिस्ट जारी की थी।
चीन की तरफ से भारत के आंतरिक मामलों में इस तरह के हस्तक्षेप पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बयान जारी किया है। बागची ने कहा है कि ये पहली बार नहीं है कि चीन ने इस तरह की कोशिश की है। भारत सरकार इसे सिरे से खारिज करती है। उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है और रहेगा। बागची ने कहा कि चीन की तरफ से ऐसी कोशिशों से हकीकत बदलने वाली नहीं है।
उधर, चीन की सरकार के मुखपत्र ‘द ग्लोबल टाइम्स’ का कहना है कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के अधिकारी अरुणाचल प्रदेश के 11 स्थानों के नाम बदले जाने को मानकीकृत भौगोलिक बता रहे हैं। चीन और भारत के बीच पूर्वी लद्दाख में काफी तनाव चल रहा है। अरुणाचल प्रदेश में एलएसी पर भी दोनों की सेनाओं के बीच कई बार झड़प हो चुकी है। तिब्बत पर चीन ने साल 1959 में कब्जा कर लिया था। उसके बाद तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा ने भारत में शरण ली थी। दलाई लामा अब हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में रहते हैं।
