चंद्र कुमार बोस का टीएमसी से इस्तीफा, सुभाष चंद्र बोस से है करीबी रिश्ता
नई दिल्ली। ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद अब तक कई झटके लग चुके हैं। पहले उनके कई विधायकों ने उनका साथ छोड़ दिया और बागी होकर टीएमसी का अलग गुट बना लिया वहीं कई सांसद भी बागी रुख अपनाते हुए उनसे अलग हो गए हैं। अब चंद्र कुमार बोस ने भी ममता बनर्जी की पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र चंद्र कुमार बोस ने निजी कारणों का हवाला देते हुए टीएमसी से इस्तीफा दे दिया है। बोस विधानसभा चुनाव से पहले अप्रैल 2026 में टीएमसी में शामिल हुए थे।
अब लगभग चार महीने में ही उनका टीएमसी से मोहभंग हो गया है। टीएमसी ज्वाइन करने से पहले चंद्र कुमार बोस बीजेपी में थे। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर अपने इस्तीफे का लेटर जारी किया है जिसमें उन्होंने निजी कारणों के चलते अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देने की बात लिखी है। हालांकि उनके इस्तीफे को लेकर फिलहाल तृणमूल कांग्रेस की तरफ से कोई बयान जारी नहीं किया गया है। चंद्र कुमार नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बड़े भाई शरत चंद्र बोस के पौत्र और अमिय नाथ बोस के पुत्र हैं। राजनीति में आने से पहले वो टाटा स्टील में लंबे समय तक मार्केटिंग और प्रबंधन से जुड़े पदों पर काम कर चुके हैं।
आजाद हिंद फौज और नेताजी से जुड़ी गोपनीय फाइलों को सार्वजनिक करने की वो कई बार मांग उठा चुके हैं। बीजेपी ने 2019 के लोकसभा चुनावों में चंद्र कुमार बोस को कोलकाता दक्षिण सीट से चुनाव मैदान में उतारा था हालांकि उनकी हार हो गई थी। उससे पहले 2016 के विधानसभा चुनाव में वो बीजेपी की टिकट पर भवानीपुर से ममता बनर्जी के खिलाफ भी चुनाव लड़ चुके हैं। ममता ने उन्हें 25,000 से ज्यादा वोटों के अंतर से शिकस्त दी थी।
