May 1, 2026

Hind foucs news

hindi new update

‘सबूत बताते हैं शराब घोटाले के पीछे मनीष सिसोदिया का दिमाग’, सीबीआई कोर्ट ने की गंभीर टिप्पणी

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के कथित शराब घोटाला मामले में सीबीआई कोर्ट ने पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को पूरे मामले का मास्टरमाइंड और दिमाग बताया है। सीबीआई कोर्ट के जज एमके नागपाल ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में सिसोदिया की जमानत अर्जी खारिज करते हुए ये गंभीर बात कही है। जज नागपाल ने कहा कि सिसोदिया ही थोक शराब कारोबारियों की अर्हता को बदलने के जिम्मेदार हैं। उनका प्रॉफिट बढ़ाने के भी सिसोदिया ही जिम्मेदार हैं। कोर्ट ने कहा कि दिल्ली सरकार के मंत्री समूह से चर्चा किए बगैर ही ये सब किया गया। जज नागपाल ने कहा कि ये भी साफ है कि दक्षिण की शराब विक्रेता लॉबी को एकतरफा फायदा पहुंचाने के लिए सिसोदिया ने मंत्री समूह की रिपोर्ट को एकतरफा बदल दिया।

सिसोदिया की जमानत अर्जी खारिज करते हुए जज ने कहा कि रिकॉर्ड पर सबूत हैं। जिनसे पता चलता है कि विजय नायर को दक्षिण की लॉबी से मिले 100 करोड़ रुपए की घूस से आरोपी संबंधित है। अदालत ने कहा कि अपराध की गंभीरता और इसकी प्रकृति या श्रेणी, आवेदक (मनीष सिसोदिया) की क्षमता जिसमें यह प्रतिबद्ध किया गया है, इसके आयोग के तरीके और अपराध के प्रभाव के साथ-साथ आवेदक की रिहाई के संभावित प्रभाव जैसे कुछ अन्य कारक भी समाज आदि ऐसे कारक हैं जो आवेदक के खिलाफ जाते हैं। इस अदालत को वर्तमान मामले में उसकी जमानत पर रिहाई के खिलाफ फैसला करने के लिए मजबूर करते हैं। अदालत ने निष्कर्ष निकाला कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) वास्तविक और प्रथम दृष्टया सबूत दिखाने में सक्षम है कि सिसोदिया मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध में शामिल हैं। कोर्ट ने कहा कि इसलिए, आरोपी मनीष सिसोदिया की वर्तमान जमानत याचिका खारिज की जाती है।

कोर्ट की इन टिप्पणियों से मनीष सिसोदिया की मुश्किलें और बढ़ती दिख रही हैं। मनीष सिसोदिया लगातार कहते रहे हैं कि उन्होंने कोई घोटाला नहीं किया। सिसोदिया के यहां सीबीआई ने छापा मारा था। उनके बैंक लॉकर भी खंगाले थे। सिसोदिया ने कहा था कि छापों में सीबीआई को कथित शराब घोटाले से जुड़े कोई सबूत नहीं मिले। सिसोदिया से इसके बाद सीबीआई ने कई दौर की पूछताछ की थी। जिसके बाद उनको जांच एजेंसी ने गिरफ्तार किया था। तबसे सिसोदिया की कई जमानत अर्जियों को कोर्ट ठुकरा चुका है। अब सिसोदिया को दिल्ली हाईकोर्ट का ही सहारा है। वहां उनकी जमानत अर्जी पर सुनवाई होनी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *