बरगी डैम क्रूज बोट हादसे के बाद सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवाल, अब तक 9 लोगों के शव मिले, अन्य की तलाश जारी
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के जबलपुर में बरगी डैम में क्रूज बोट के डूबने के बाद बचाव अभियान अभी जारी है। अब तक डैम से 9 लोगों के शव निकाले जा चुके हैं जबकि 6 लोग अब भी लापता हैं जिनकी तलाश की जा रही है। गोताखोरों ने डूबी हुई क्रूज बोट के अंदर से एक महिला और उसके बच्चे के शव को निकाला। महिला ने बच्चे को अपने सीने से लगा रखा था। इसे देखकर बचावकर्मियों और वहां मौजूद अन्य लोगों का भी दिल पसीज गया। वहीं इस हादसे को लेकर अब सुरक्षा संबंधी सवाल भी उठ रहे हैं।
ऐसा बताया जा रहा है कि मौसम विभाग की ओर से एक दिन पहले ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आंधी चलने को लेकर अलर्ट जारी किया था, लेकिन इसके बावजूद इस चेतावनी को अनदेखा किया गया। घटना के दिन गुरुवार की शाम लगभग 4:30 बजे क्रूज बोट को बरगी डैम में उतार दिया गया और कुछ ही देर बाद तेज तूफान आ गया जिसकी वजह से क्रूज पलट गया। डैम में लगभग 20 मीटर नीचे पानी में क्रूज बोट फंसा है और इस वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कत आ रही है। वहीं इस हादसे में जीवित दिल्ली की संगीता कोरी ने बताया है कि किसी को भी लाइफ जैकेट नहीं दी गई थी।
होम गार्ड कमांडेंट नीरज सिंह ने बताया, कल शाम करीब 6:30 बजे हमें बरगी बांध पर एक क्रूज बोट के डूबने की सूचना मिली। हमने रात भर तलाशी अभियान चलाया और क्रूज नाव को किनारे की ओर खींचने की कोशिश की। भारी बारिश, तेज हवाओं और रात के अंधेरे के कारण उस समय गहरे पानी में गोताखोरी संभव नहीं हो पाई। सुबह मौसम सुधरने पर हमने सेना और एनडीआरएफ टीमों के समन्वय से गहरे पानी में गोताखोरी अभियान शुरू किया। चूंकि इलाका पथरीला है, इसलिए हमारे अभियान में काफी दिक्कतें आईं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीम भी रेस्क्यू में लगी हैं।
