आईएसआई और आईएसआईएस की नई साजिश, सुरक्षा एजेंसियों के सामने खड़ी की ये बड़ी चुनौती
नई दिल्ली। खुफिया एजेंसियों ने बड़ा खुलासा किया है कि आतंकियों ने अपने काम का तरीका बदल लिया है। एजेंसियों ने बताया है कि आने वाले वक्त में आतंकी किस तरह हमले कर सकते हैं। एजेंसियों के मुताबिक आतंकी अब बड़े गुट की जगह अकेले यानी Lone Wolf तरीके से हमले की साजिश करने लगे हैं। इससे खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के सामने नई चुनौती खड़ी हुई है। अमर उजाला अखबार ने खुफिया एजेंसियों के अफसरों के हवाले से ये खबर दी है। इन अफसरों ने बताया है कि पहले आतंकी किसी विदेशी सरगना के इशारे पर टीम बनाकर काम करते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं करने वाले। या तो आतंकी अब अकेले या दो लोगों की छोटी टीम बनाकर साजिश रचेंगे।
अधिकारियों ने अखबार को बताया कि आतंकी अकेले या दो लोगों की टीम में ही काम करना चाह रहे हैं, ताकि किसी को उन पर शक न हो और सुरक्षा एजेंसियां उन तक आसानी से पहुंच न सकें। इन अफसरों ने बताया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को पता है कि अगर भारत में फिर कोई बड़ा आतंकी हमला हुआ, तो ऑपरेशन सिंदूर जैसा हाल होगा। ऐसे में आईएसआई भारत में स्थानीय आतंकियों की ऐसी नई खेप बनाने की कोशिश में है, जो अपना खर्च खुद ही उठाएं। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई चाहती है कि स्थानीय आतंकी बनें और वे खुद खर्च उठाकर हमले करें, तो पाकिस्तान पर आरोप नहीं लगेगा। इन अकेले या दो की टीम में काम करने वाले आतंकियों को पकड़ना बड़ी मुश्किल के तौर पर सामने आ रहा है।
खुफिया एजेंसियों के अफसरों के मुताबिक अकेले या दो की टीम में काम करने वाले आतंकी किसी से फोन पर बात नहीं करते। इनके पास विदेश से पैसे भी नहीं आते। इस वजह से इनको ट्रैक करना मुश्किल होता है। इन अफसरों के मुताबिक ऐसे आतंकी आईएसआईएस के होते हैं। खुफिया एजेंसियों के मुताबिक आईएसआईएस भारत में युवाओं को कट्टरपंथी बनाने के लिए भरपूर कोशिश कर रहा है। इंटरनेट पर सामग्री और बम बनाने के तरीके बताकर इन युवाओं को साजिश रचने के लिए तैयार किया जा रहा है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां अब युवाओं के पैरेंट्स और रिश्तेदारों से अपील कर रही हैं कि वे बच्चों के व्यवहार पर कड़ी नजर रखें। अगर कोई अजीब बदलाव दिखे, तो पुलिस को बताएं। खुफिया अफसरों के मुताबिक ये तरीका अपनाकर दक्षिण भारत में कई आतंकी हमले टाले जा सके हैं।
