हिमाचल में अब इन महिलाओं को नहीं मिलेगा हर महीने 1500 रुपया, फंड की कमी के कारण सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने बदला नियम
शिमला। कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा के पिछले चुनाव में वादा किया था कि सरकार बनने पर राज्य की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपए दिए जाएंगे। कांग्रेस ने सरकार बनने के बाद इसके लिए ‘इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना’ शुरू की, लेकिन फंड की दिक्कत होने के कारण अब हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने सभी महिलाओं को हर महीने 1500 रुपए न देने का फैसला किया है। अमर उजाला अखबार के मुताबिक सुक्खू सरकार ने इस योजना के दायरे से 18 से 20 साल की महिलाओं को निकालने की अधिसूचना जारी की है।
ऐसे में हिमाचल प्रदेश में अब सिर्फ 21 से 59 साल की महिलाओं को ही हर महीने 1500 रुपए दिए जाएंगे। अखबार के मुताबिक सिर्फ जरूरतमंद महिलाओं को फायदा देने और वित्तीय बोझ घटाने के लिए हिमाचल की सुक्खू सरकार ने नियम बदले हैं। हिमाचल सरकार के नए नियम में ये भी कहा गया है कि अगर किसी महिला की सालाना आय 2 लाख से ज्यादा है, तो उसे भी हर महीने 1500 रुपए नहीं मिलेंगे। वहीं, सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी परिवार की महिलाओं को भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। आउटसोर्स, संविदा कर्मचारी, दैनिक वेतनभोगी, अंशकालिक कर्मचारी, सेवारत और भूतपूर्व सैनिकों, जवानों की विधवाओं आंगनबाड़ी कर्मचारियों, आशा वर्कर, मिड-डे मील वर्क और मल्टी टास्क वर्कर को भी योजना के दायरे से बाहर रखा गया है।
हिमाचल सरकार ने इससे पहले साल 2024 में एक परिवार से एक ही महिला को हर महीने 1500 रुपए देने का नियम बनाया था। अब सरकार ने योजना के लिए नए आवेदन पत्रों में सालाना आय और बीपीएल होने संबंधी कॉलम भी जोड़ने का फैसला किया है। पहले इस योजना के तहत तहसील कल्याण अफसर के पास आवेदन जमा होते थे। अब हिमाचल सरकार ने फैसला किया है कि ग्राम सभाओं के अनुमोदन पर रकम दी जाएगी। हिमाचल में अब तक करीब 36000 महिलाओं को हर महीने 1500 रुपए मिलते रहे हैं। जबकि, करीब 8 लाख महिलाओं ने इसके लिए आवेदन किया था।
