अनुकंपा नियुक्ति के बारे में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का अहम फैसला
शिमला। अनुकंपा पर नियुक्ति के मामले में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अहम बात कही है। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस अजय मोहन गोयल ने एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि अनुकंपा के आधार पर भले ही दैनिक वेतन के आधार पर चतुर्थ श्रेणी के पद पर नियुक्ति करनी हो, तो अभ्यर्थी की कम से कम योग्यता 10वीं पास होना चाहिए। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने नियुक्ति से संबंधित याचिका को खारिज कर कहा कि शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक याचिका करने वाले की योग्यता सिर्फ 8वीं पास है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता के पास चतुर्थ श्रेणी पद पर नियुक्ति के लिए जरूरी न्यूनतम शैक्षिक योग्यता नहीं है। ऐसे में अनुकंपा नियुक्ति का दावा खारिज करने पर याचिकाकर्ता के पास शिकायत का अधिकार नहीं है। हिमाचल प्रदेश सरकार की साल 2019 की अनुकंपा नियुक्ति नीति में कहा गया है कि इस आधार पर नियुक्ति मूल रूप से उसी विभाग में होनी चाहिए, जिससे मृतक कर्मचारी या डॉक्टरी जांच के आधार पर रिटायर किया गया कर्मचारी जुड़ा था। शर्त में ये भी है कि पद के लिए निर्धारित न्यूनतम शैक्षिक योग्यता और कौशल हो। अनुकंपा नियुक्ति की शर्त में ये भी कहा गया है कि अगर मृतक कर्मचारी दैनिक वेतनभोगी था, तो रोजगार सहायता भी दैनिक वेतनभोगी के तहत ही दी जाएगी।
जिस पद के लिए याचिकाकर्ता ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था, उसमें न्यूनतम योग्यता 10वीं परीक्षा पास करना है। जबकि, याचिकाकर्ता की शैक्षिक योग्यता इससे कम है। संबंधित विभाग की ओर से नियुक्ति न किए जाने के खिलाफ याचिकाकर्ता ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में दस्तक दी थी, लेकिन कोर्ट ने नियमों के तहत नियुक्ति किए जाने का फैसला सुनाया। ऐसे में अब याचिकाकर्ता को अनुकंपा नियुक्ति के लिए 10वीं परीक्षा पास करना जरूरी होगा। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट एक बार अनुकंपा नियुक्ति के बारे में फैसला सुना चुका है कि मृतक कर्मचारी आश्रित होने के आधार पर उसी विभाग में नौकरी पाना अधिकार के तहत नहीं आता।
