पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने बांग्लादेश सीमा के पास पाकिस्तानी नागरिक को किया गिरफ्तार, आईएसआई का जासूस होने का शक
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सीएम शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार बनने के बाद से बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों की तलाश और उनको वापस भेजने का काम हो रहा है। साथ ही शुभेंदु अधिकारी के निर्देश पर भारत विरोधी तत्वों की तलाश में भी पुलिस जुटी है। पश्चिम बंगाल पुलिस की इसी सक्रियता की वजह से राज्य के उत्तर 24 परगना जिले में एक पाकिस्तानी नागरिक को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को शक है कि वो पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का जासूस है।
पश्चिम बंगाल एसटीएफ के सूत्रों के मुताबिक राणा रऊफ उर्फ वहाब नाम के पाकिस्तानी नागरिक को बांग्लादेश की सीमा से लगे बनगांव से गिरफ्तार किया गया है। एसटीएफ की जांच से पता चला है कि राणा रऊफ पाकिस्तान के फैसलाबाद का निवासी है। वो नेपाल से होकर भारत आया था। वो कई महीने से कोलकाता के तपसिया इलाके में रह रहा था। राणा रऊफ ने स्थानीय लोगों को बता रखा था कि वो बढ़ई का काम करता है। अपनी पहचान छिपाने के लिए कोलकाता के रहने वाले एक शख्स की मदद से भारत के तमाम दस्तावेज बना लिए थे। पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने पाकिस्तानी नागरिक की दस्तावेज दिलाने में मदद करने वाले इस शख्स को भी गिरफ्तार कर लिया है।
माना जा रहा है कि राणा रऊफ का काम संवेदनशील जानकारियां हासिल कर उनको पाकिस्तान भेजना था। बीते दिनों जब पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने जैश-ए-मोहम्मद के संदिग्ध आतंकी हामिम मंडल को गिरफ्तार किया, तो राणा रऊफ सतर्क हो गया। वो बनगांव चला गया। जहां से बांग्लादेश भागने की कोशिश में था। एसटीएफ अब राणा रऊफ से और पूछताछ कर रही है। ताकि पता चल सके कि पश्चिम बंगाल में उसने और किस-किस से संपर्क बना रखा था। उसके पास से बरामद मोबाइल की भी फोरेंसिक जांच की जा रही है। बता दें कि पश्चिम बंगाल में पहले भी भारत विरोधी तत्व गिरफ्तार किए जा चुके हैं। जब राज्य में ममता बनर्जी की टीएमसी सरकार थी, तब बीजेपी लगातार आरोप लगाती रही कि पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठिए और भारत विरोधी तत्वों की बड़े पैमाने पर घुसपैठ हुई है। बीजेपी ने ये आरोप भी लगाया कि ममता बनर्जी की पार्टी के लोग ऐसे तत्वों को सरकारी दस्तावेज दिलाकर भारत का नागरिक साबित करते रहते हैं।
