मानहानि के बाद अब वीर सावरकर के बारे में बयान से मुश्किल में राहुल गांधी, लखनऊ के कोर्ट ने दिया ये आदेश
लखनऊ। कांग्रेस के नेता राहुल गांधी एक बार फिर मुश्किल में हैं। मामला नफरत फैलाने के आरोप का है। स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर के बारे में दिए बयान के मामले में दाखिल मानहानि केस में लखनऊ की अदालत ने मंगलवार को पुलिस को आगे जांच का आदेश दिया है। वीर सावरकर के बारे में राहुल गांधई ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान बयान दिया था।
इसी मामले में उनकी शिकायत कोर्ट से की गई थी। राहुल के खिलाफ ये शिकायत वकील नृपेंद्र पांडेय ने की है। इस मामले में कोर्ट 2 जून को अगली सुनवाई करेगा। एसीजेएम अंबरीश कुमार श्रीवास्तव ने सीआरपीसी की धारा 156(3) के तहत हजरतगंज कोतवाली के इंस्पेक्टर स्तर के अफसर को राहुल गांधी के बयान की जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा है।
वकील नृपेंद्र पांडेय ने राहुल गांधी के खिलाफ कोर्ट में दी गई अर्जी में कहा है कि राहुल गांधी ने 17 नवंबर 2022 को वीर सावरकर को अंग्रेजों का नौकर बताय और कहा कि उन्होंने अंग्रेजों से पेंशन ली। अर्जी में कहा गया है कि वीर सावरकर निर्भीक स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने अंग्रेजों के अमानवीय अत्याचार सहे। अर्जी में वकील ने कहा है कि राहुल गांधी का वीर सावरकर के बारे में बयान समाज में नफरत फैलाने की मंशा वाला है। उन्होंने राहुल के बयान को वीर सावरकर के प्रति अभद्र, अपमानजनक और हीन भावना फैलाने वाला बताया है। शिकायत में कहा गया है कि राहुल गांधी अपने बयानों से समाज में द्वेष पैदा कर रहे हैं। पांडेय का आरोप है कि वीर सावरकर पर राहुल के बयान से उनको मानसिक पीड़ा हुई है।
राहुल गांधी ने वीर सावरकर के बारे में महाराष्ट्र में कथित तौर पर ये बयान दिया था। राहुल ने दावा किया था कि वीर सावरकर ने अंग्रेजों की मदद की थी। राहुल ने कहा था कि सावरकर ने अंग्रेजों को चिट्ठी लिखकर कहा था कि मैं आपका नौकर रहना चाहता हूं। डर की वजह से माफीनामे पर सावरकर के दस्तखत करने का दावा भी राहुल गांधी ने किया था। राहुल गांधी ने ये भी कहा था कि ऐसा करके सावकर ने महात्मा गांधी और उस वक्त के दूसरे नेताओं को धोखा दिया था। ऊपर दिए ट्वीट में आप राहुल गांधी का वो बयान सुन सकते हैं, जो उन्होंने पिछले साल 17 नवंबर को महाराष्ट्र में वीर सावरकर के बारे में दिया था। इसी बयान पर लखनऊ कोर्ट में केस दर्ज हुआ है।
