इमरान की रिहाई से तिलमिलाई मरियम नवाज, सुप्रीम कोर्ट पर ही कर दी ऐसी टिप्पणी
नई दिल्ली। पाकिस्तान में जारी उपद्रव के बीच पूर्व पीएम और तहरीक ए इंसाफ पार्टी के प्रमुख इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट ने रिहा कर दिया है। जहां इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने इमरान की गिरफ्तारी का समर्थन किया था और पीटीआई की याचिका खारिज कर दी थी। जिसके बाद पीटीआई ने सुप्रीम कोर्ट का रूख किया। वहीं, अब सुप्रीम कोर्ट ने इमरान की गिरफ्तारी का विरोध किया और तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि आखिर कैसे कोई रेंजर्स मुल्क के पूर्व पीएम को गिरफ्तार कर सकता है, वो भी कॉलर पकड़कर। वहीं चीफ जस्टिस ने इमरान का हालचाल भी पूछा। ऐसे में माना जा रहा है कि दोनों के बीच मित्रवत संबंध हैं।
उधर, इमरान की रिहाई के बाद पीटीआई समर्थकों के बीच खुशी का माहौल है। सभी एक-दूसरे को मिठाई बांटकर अपनी खुशी का इजहार कर रहे हैं। इसके अलावा आशंका जताई जा रही है कि इमरान के घर पर हमला किया जा सकता है, जिसे ध्यान में रखते हुए उन्हें अपने परिवार के बीच जाने की इजाजत दे दी गई। उधर, उनकी सुरक्षा में भी बढ़ा दी गई है।
इस बीच इमरान खान की रिहाई पर मरियम नवाज की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। जिसमें उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने एक अपराधी की मदद की है। कोर्ट को इमरान की रिहाई का आदेश नहीं देना चाहिए था। इस तरह से मरियम ने इमरान की रिहाई का विरोध किया। बता दें कि सुनवाई से पहले भी उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से इमरान को रिहा नहीं करने की अपील की थी। उन्होंने यहां तक कह दिया था कि अगर सुप्रीम कोर्ट इमरान को रिहा करती है, तो वो ऐसा करके मानो किसी आतंकी की मदद करेगी। वहीं, पीटीआई ने मरीयम के इस बयान को खिसयानी बिल्ली खंभा नोंचे की संज्ञा दी है। बता दें कि इमरान को अब शुक्रवार को सुबह 11 बजे हाईकोर्ट में पेश होना है। उनके खिलाफ पहले से ही 134 मामले दर्ज हैं। ऐस में उनकी मुश्किलों का इंतहा नहीं हुई है। बीते दिनों ही उन्हें तोशाखाना मामले में दोषी करार दिया गया है।
वहीं, रिहा होने के बाद इमरान ने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की है। माना जा रहा है कि इमरान की इस अपील के बाद पाकिस्तान में स्थिति दुरूस्त होगी। पाकिस्तान में हुए इस बवाल में कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। जिसे लेकर शहबाज शरीफ सरकार की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। सलाखों से बाहर आने के बाद इमरान ने दोबारा चुनाव कराने की वकालत की है। राजनीतिक दृष्टिकोण से देखे तो पाकिस्तान की स्थिति काफी दयनीय हो चुकी है। जहां एक तरफ शासन प्रणाली की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, तो वहीं दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ भी खुलकर आलोचना की जा रही है। अब ऐसे में आगामी दिनों में पाकिस्तान में किस तरह की स्थिति देखने को मिलती है। इस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।
