June 30, 2026

Hind foucs news

hindi new update

फोन पर ही पत्नी को दे दिया तीन तलाक, पीड़िता ने पुलिस में पति के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत

नई दिल्ली। वे दिन तो आपको याद ही होंगे, जब केंद्र की मोदी सरकार ने तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाने का मन बनाया था, तो कैसे लोग मजहब का लबादा ओढ़कर माथा पीटने लग गए थे। किसी ने सरकार के इस कदम को इस्लाम के खिलाफ बताया, तो किसी ने कुरान, तो किसी ने हदीस, तो किसी ने संविधान। खैर, सरकार ने किसी की नहीं सुनी। अगर किसी की सुनी तो उन महिलाओं की सुनी, जिनकी जिंदगी तीन तलाक का दंश झेलकर तबाह हो चुकी थी। जिनकी जिंदगी तीन तलाक का दंश झेलकर बर्बाद हो चुकी थी। जो अब तीन तलाक का दंश झेलने के बाद दर-दर की ठोकरें खा रही थीं। सरकार ने उन महिलाओं की चित्कार सुनकर फैसला किया कि चाहे कुछ भी हो जाए, तीन तलाक जैसी अमानवीय कुप्रथा का खात्मा तो करके ही रहना है और सरकार ने तमाम विरोध और प्रतिरोध को कुचलते हुए तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाकर ही दम लिया, लेकिन अफसोस आज भी यह कुप्रथा मुस्लिम समुदाय के बीच विद्ममान है, जो इस बात का जीवंत प्रमाण है कि उन्हें सरकार के इस कानून का रत्ती भर भी खौफ नहीं है।

अब इतना सबकुछ पढ़ने के बाद आप समझ ही गए होंगे कि माजरा जरूर तीन तलाक से जुड़ा हुआ है। जी हां… आप बिल्कुल सही समझ रहे हैं। दरअसल, दिल दहला देने वाला यह माजरा बिहार से सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने पति के खिलाफ तीन तलाक देने के आरोप में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। वहीं पुलिस ने भी पीड़ित महिला की शिकायत को संज्ञान में लेने के बाद आरोपी पति के खिलाफ कड़ी विधिक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। बहरहाल, अब आगामी दिनों में पुलिस आरोपी शौहर के खिलाफ क्या कुछ कार्रवाई करती है। इस पर उन सभी तीन तलाकशुदा ख्वातीनों की नजर रहेंगी, जो अभी-भी इस त्रासदी को झेल रही हैं।

खैर, अब मुद्दे पर लौटते हैं, तो मुद्दा यह है कि पीड़ित महिला ने अपने शौहर के खिलाफ तीन तलाक के मामले में पुलिस में तहरीर दी है। महिला की तहरीर के मुताबिक, फोन पर बातचीत के दौरान किसी मसले को लेकर दोनों के बीच किसी बात पर बहस हो गई थी। बाद में यह बहस इस कदर बढ़ गई कि उसके पति ने ना आव देखा ना ताव सीधा तीन तलाक दे दिया। हालांकि, यह वाकया अप्रैल माह का है, लेकिन अब प्रकाश में आया है। पीड़ित महिला का निकाह बिहार के रहने वाले एक शख्स से साल  2016 में हुआ था, लेकिन इसी साल फरवरी माह में पता चला कि उसके पति ने किसी दूसरी महिला से निकाह कर लिया, जिसके बाद उसने पति को फोन किया। तो उसके पति ने उसकी बिना कोई बात सुने पहले तो उसके साथ बदतमीजी की और इसके बाद उसे तीन तलाक दे दिया। जिसके बाद अब इस महिला ने पुलिस का रूख किया है।

आपको एक बार फिर याद दिला दें कि केंद्र की मोदी सरकार तीन तलाक के विरुद्ध 1 अगस्त 2019 को ही कानून बना चुकी है। इस कानून के मुताबिक, आरोपी पति को तीन साल की जेल और उचित जुर्माना भी लगाया जा सकता है। सरकारी आंकड़ों में दावा किया गया है कि तीन तलाक के खिलाफ कानून बनने के बाद महिलाओं को इस अभिशाप से छुटकारा मिला है, लेकिन कई ऐसे मामले सामने आते है, जिससे वाकिफ होने के बाद लगता है कि नहीं अभी तो और लंबी जंग लड़नी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *