भारत की बेटी सिरिशा बांदला करेगी स्पेस यात्रा, बचपन से ही था सपना
नई दिल्ली। भारतीय मूल की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला जिन्हें देश ही नहीं दुनिया में भी पहचाना जाता है। हरियाणा के करनाल जिले में जन्मी चावला ने एक इंटरव्यू में कहा था, “मैं अंतरिक्ष के लिए ही बनी हूं। हर पल अंतरिक्ष के लिए बिताया है और इसी के लिए मरूंगी।” वहीं अब कल्पना चावला के बाद सिरिशा बांदला अंतरिक्ष में जाने वाली दूसरी भारतीय मूल की महिला होंगी। बता दें, सिरिशा बंदला वर्जिन गैलेक्टिक में सरकारी मामलों और अनुसंधान कार्यों की उपाध्यक्ष है। एक दिन बाद यानी 11 जुलाई को अमेरिकी अंतरक्षियान कंपनी वर्जिन गैलेक्टिक के रिचर्ड ब्रेनसन समेत छह लोग अंतरिक्ष की यात्रा करने जाएंगे। इस यात्रा पर जाने वाले छह लोगों में दो महिलाएं भी शामिल हैं।
कौन है सिरिशा बांदला
34 साल की सिरिशा एक एरोनॉटिकल इंजीनियर हैं। सिरिशा ने इंडियाना के पर्ड्यू विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन की है। सिरिशा कल्पना चावला के बाद वह भारत में जन्मीं दूसरी ऐसी महिला हैं, जो अंतरिक्ष में जा रही है साथ ही वो अंतरिक्ष में जाने वाली चौथी भारतीय भी बन गई हैं। सिरिशा ने एक वीडियो भी ट्वीट किया है जिसमें उन्होंने कहा है, ‘मुझे यूनिटी22 क्रू और उस कंपनी का हिस्सा होने पर सम्मानित महसूस हो रहा है, जिसका मिशन सभी के लिए अंतरिक्ष को सुगम बनाना है।’
2 जुलाई को ब्रैनसन ने की थी यात्रा की घोषणा
अंतरक्षियान कंपनी वर्जिन गैलेक्टिक (Virgin Galactic) के रिचर्ड ब्रेनसन ने 2 जुलाई को यात्रा की घोषणा की थी। उन्होंने ट्वीट किया, “मैं हमेशा से सपने देखने वाला रहा हूं। मेरी मां ने मुझे कभी हार न मानने और सितारों तक पहुंचने की शिक्षा दी। 11 जुलाई को उस सपने को अगले @VirginGalactic स्पेसफ्लाइट में हकीकत में बदलने का समय आ गया है।”
