क्या होता है ESMA? एलपीजी सिलेंडरों की जमाखोरी रोकने के लिए केंद्र ने देशभर में लागू किया अधिनियम
नई दिल्ली। भारत में एलपीजी सिलेंडरों की जमाखोरी रोकने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा उठाते हुए देशभर में ESMA लागू कर दिया है। ESMA यानी आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम-1968 के तहत जरूरी सेवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जाती है। 1968 में संसद ने ESMA एक्स को पारित किया था और उसके बाद यह कानून बना था। इस अधिनियम के लागू होने बिना किसी बाधा के देशभर में घरेलू गैस की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। सरकार ने रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल कंपनियों को एलपीजी का उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
सरकार का निर्देश है कि कंपनियां अपने हाइड्रोकार्बन प्रोडॅक्शन यूनिटों को एलपीजी प्रोडॅक्शन की ओर डायवर्ट कर दें ताकि रसोई गैस की किल्लत न होने पाए। अभी एक दिन पहले ही सरकार ने एलजीपी सिलेंडर बुकिंग की सीमा 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन की थी। दरअसल अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग की वजह से मिडिल ईस्ट से दुनिया भर के देशों में होने वाली तेल और गैस की आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे हालात में भारत सरकार नहीं चाहती कि देश में घरेलू गैस की किल्लत हो इसीलिए एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया है।
इससे पहले भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने ट्वीट कर बताया था कि ईंधन आपूर्ति में मौजूदा भू-राजनीतिक बाधाओं और एलपीजी की आपूर्ति पर रुकावटों को देखते हुए, मंत्रालय ने तेल रिफाइनरियों को अधिक एलपीजी उत्पादन करने और इस अधिक उत्पादन का उपयोग घरेलू एलपीजी इस्तेमाल के लिए करने का निर्देश दिया है। मंत्रालय ने घरों में घरेलू LPG सप्लाई को प्राथमिकता दी है और जमाखोरी तथा ब्लैक मार्केटिंग से बचने के लिए 25 दिन का इंटर-बुकिंग पीरियड शुरू किया है। इंपोर्टेड एलपीजी से नॉन-डोमेस्टिक सप्लाई को अस्पताल और शैक्षणिक संस्थान जैसे आवश्यक गैर-घरेलू क्षेत्र में प्राथमिकता दी जा रही है। दूसरे गैर-घरेलू क्षेत्र में एलपीजी सप्लाई के लिए, रेस्टोरेंट, होटल, या दूसरी इंडस्ट्री को एलपीजी सप्लाई के लिए आए रिप्रेजेंटेशन को रिव्यू करने के लिए एक कमेटी बनाई गई है।
