विवादित बयान देकर फसे उदयनिधि स्टालिन और प्रियांक खरगे, रामपुर में दर्ज हुई FIR
नई दिल्ली। सनातन धर्म पर बयान देना तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन को भारी पड़ गया है। सनातन धर्म पर दिए गए उनके बयान के बाद से ही बवाल मचा हुआ था। कई हिन्दू संगठन तो सनातन धर्म पर विवादित टिप्पणी करने के लिए उनका विरोध कर ही रहे थे। साथ ही भारतीय जनता पार्टी भी इस बयान के लिए उदयनिधि स्टालिन पर लगातार हमले कर रही थी। अब इस बीच उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ उत्तर प्रदेश के रामपुर में एफआईआर दर्ज की गई है। उदयनिधि स्टालिन के साथ ही कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में दोनों के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई है।
तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन और कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खरगे के खिलाफ ये शिकायत सनातन धर्म पर विवादित टिप्पणी को लेकर कराई गई है। इस शिकायत में वकीलों ने आरोप लगाया है कि उदयनिधि स्टालिन और कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खरगे ने अपने बयान से धार्मिक भावनाओं को आहत किया है। वकीलों की शिकायत के बाद दोनों नेताओं के खिलाफ धारा 153 ए, 295ए के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
क्या दिया था उदयनिधि स्टालिन ने बयान
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बीते शनिवार को उदयनिधि स्टालिन ने सनातन उन्मूलन सम्मेलन कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। यहां उन्होंने एक बयान देते हुए सनातन धर्म की तुलना डेंगू-मलेरिया और कोरोना से की थी। उदयनिधि स्टालिन ने कहा था कि सनातन धर्म डेंगू-मलेरिया और कोरोना की तरह है और इसका विरोध नहीं बल्कि खत्म कर देना चाहिए। उदयनिधि स्टालिन के बाद कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने भी ऐसी ही टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि “जो धर्म समान अधिकार नहीं देता है, लोगों के साथ इंसानों जैसा व्यवहार नहीं करता है वो बीमारी की तरह ही है”।
अब सनातन धर्म को लेकर की गई तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन और कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे की इन्हीं टिप्पणियों को लेकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है।
