जानिए क्या है आंध्र प्रदेश का वो घोटाला, जिसमें पूर्व सीएम चंद्रबाबू नायडू की हुई गिरफ्तारी
नांदयाल। आंध्र प्रदेश पुलिस की सीआईडी ने शनिवार तड़के राज्य के पूर्व सीएम एन. चंद्रबाबू नायडू को गिरफ्तार कर लिया। चंद्रबाबू नायडू पर कौशल विकास घोटाला करने का आरोप है। आरोप है कि कौशल विकास घोटाला 350 करोड़ का है और इस मामले की जांच आंध्र प्रदेश सीआईडी के अलावा ईडी भी कर रही है। दरअसल, चंद्रबाबू नायडू जब आंध्र प्रदेश के सीएम थे, तब युवाओं के कौशल विकास की योजना लाए थे। इसके तहत सरकार युवाओं को प्रशिक्षण देती। हैदराबाद और आसपास के इलाकों में युवाओं को ट्रेनिंग देकर उद्योगों में उनको रोजगार दिलाने की चंद्रबाबू नायडू ने योजना बनाई थी। एक निजी कंपनी को योजना चलाने की जिम्मेदारी दी गई। योजना पर 3300 करोड़ रुपए खर्च होने थे। इसके लिए 6 क्लस्टर बनाए गए।
चंद्रबाबू नायडू सरकार ने कैबिनेट को जानकारी दी कि कौशल विकास के तहत राज्य सरकार सिर्फ 10 फीसदी यानी 370 करोड़ खर्च करेगी। बाकी निजी कंपनी का खर्च होगा। बाद में आरोप लगा कि चंद्रबाबू नायडू की सरकार ने 371 करोड़ रुपए शेल कंपनियों को ट्रांसफर किए और इस ट्रांसफर के दस्तावेजी सबूत भी नष्ट कर दिए। इस मामले में साल 2021 में आंध्र प्रदेश पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज की थी। आंध्र के इस कौशल वास घोटाले की जांच ईडी भी कर रही है। ईडी ने आरोपी कंपनी डिजाइनटेक सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड की 31 करोड़ की संपत्ति भी जब्त की हुई है। इसी कंपनी के माध्यम से सरकार का पैसा शेल कंपनियों में भेजे जाने का आरोप है।
ईडी ने इस मामले में सीमेंस कंपनी के पूर्व एमडी सौम्याद्री शेखर बोस, डिजाइनटेक के एमडी विकास विनायक खानवेलकर समेत कई अन्य कंपनियों के कर्ताधर्ताओं पर भी केस दर्ज किया हुआ है। जिनपर केस हुआ है, उनमें एक सीए सुरेश गोयल भी हैं। अब आंध्र प्रदेश सीआईडी ने चंद्रबाबू नायडू को गिरफ्तार कर जाहिर कर दिया है कि आने वाले दिनों में बाकी आरोपियों पर भी ऐसी ही कार्रवाई हो सकती है।
