जानिए कौन था हरदीप सिंह निज्जर, जिसकी हत्या के कारण भारत और कनाडा में बढ़ी तनातनी
नई दिल्ली। इस वक्त भारत और कनाडा दोनों ही देशों के बीच तल्खी देखी जा रही है। अब हरदीप सिंह निज्जर को लेकर कनाडा और भारत के बीच विवाद गहरा रहा है। बता दें कि हरदीप सिंह निज्जर की हत्या जून में हो गई थी। अब कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने आशंका जाहिर करते हुए कहा कि इस हत्या के पीछे भारत का हाथ है। प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के पीछे भारत को वजह बताने के बाद उनके देश ने भारत के एक राजनयिक को भी निष्कासित करने का आदेश जारी किया है। अब चलिए आपको बताते हैं आखिर कौन था हरदीप सिंह निज्जर…जिसकी हत्या के बाद से भारत और कनाडा के बीच विवाद गहरा रहा है।
कौन था हरदीप सिंह निज्जर
जिस हरदीप सिंह निज्जर की हत्या पर ये पूरा बवाल हो रहा है वो खालिस्तानी टाइगर फोर्स यानी KTF का आतंकवादी था। साल 2021 में जालंधर में एक हिंदू पुजारी पर हमले के मामले में NIA (National Investigation Agency) ने बीते साल जुलाई में हरदीप सिंह निज्जर पर 10 लाख रुपए के इनाम का भी ऐलान किया था। साल 1997 में 45 साल का ये खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर पंजाब के जालंधर के पुरा गांव से कनाडा पहुंचा और खालिस्तानी समर्थकों के साथ मिलकर भारत को आंख दिखाने लगा। गुरु नानक सिख गुरुद्वारे का अध्यक्ष भी निज्जर था। जांच एजेंसियों की मानें तो मौत के घाट सो चुका हरदीप सिंह निज्जर भारत में खालिस्तान समर्थक समूह ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ के अलगाववादी और हिंसक एजेंडा को भी बढ़ाने में सहायता कर रहा था। निज्जर…आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू और परमजीत सिंह पम्मा के साथ भी सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ) के तहत काम कर चुका है। यहां बता दें कि केंद्रीय गृहमंत्रालय ने साल 2019 में ही SFJ पर बैन लगा दिया था।
कनाडा भारत पर लगा रहा हत्या का आरोप
इधर अब इस मामले में कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो भारत पर आरोप लगा रहे हैं। संसद में दिए गए अपने बयान में ट्रूडो ने ये कहा कि कनाडा एक संप्रभु राष्ट्र हैं और उनके ही नागरिक की उसके राष्ट्र में हत्या करना स्वीकार्य नहीं है। अपनी संसद में भारत का हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में हाथ बताते हुए ट्रूडो ने हालांकि कोई सबूत तो नहीं दिया लेकिन इसके बाद अपने देश में भारत के एक राजनयिक को निष्कासित करने का आदेश जारी कर दिया। खैर अब देखना होगा कि हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद शुरु हुआ ये विवाद कहां जाकर थमता है।
