सिर्फ ओवैसी की पार्टी ने महिला आरक्षण बिल के खिलाफ लोकसभा में दिया वोट, ओबीसी के साथ मुस्लिम कोटा भी रहे थे मांग
नई दिल्ली। महिला आरक्षण बिल बुधवार को लोकसभा से पास हो गया। बिल के पक्ष में 454 सांसद रहे। सिर्फ एआईएमआईएम के 2 सांसद असदुद्दीन ओवैसी और इम्तियाज जलील ने महिला आरक्षण बिल के खिलाफ वोट दिया। ओवैसी और जलील की मांग थी कि महिला आरक्षण बिल में मुस्लिम और ओबीसी को भी कोटे में कोटा दिया जाए। ओवैसी ने जब इस बारे में संशोधन प्रस्ताव लोकसभा में पेश किया, तो उनकी दोनों मांगों पर किसी भी और पार्टी ने वोट नहीं दिया। लोकसभा से महिला आरक्षण बिल पास होने के बाद ओवैसी ने बाहर आकर मीडिया को बताया कि आखिर उन्होंने इसके खिलाफ वोट क्यों दिया।
असदुद्दीन ओवैसी ने मीडिया के सामने कुछ आंकड़े रखे। उन्होंने कहा कि अब तक लोकसभा में 690 महिला सांसद चुनकर आई हैं। इनमें से सिर्फ 25 ही मुस्लिम रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम महिलाओं से दोहरा भेदभाव किया जाता है। ओवैसी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार विधायिकाओं में सवर्ण महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाना चाहती है। उन्होंने कहा कि वे ओबीसी और मुस्लिम महिलाओं के लिए प्रतिनिधित्व नहीं चाहते। ओवैसी ने कहा कि ओबीसी और मुस्लिम महिलाओं का प्रतिनिधित्व कम है, तो क्या उनको आरक्षण नहीं दिया जाएगा? ओवैसी ने कहा कि ओबीसी की आबादी 50 फीसदी से ज्यादा है, लेकिन लोकसभा में उनका प्रतिनिधित्व 22 फीसदी ही है। जबकि, मुस्लिम महिलाओं की आबादी 4 फीसदी है। लोकसभा में उनकी हिस्सेदारी 0.7 फीसदी ही है।
बहरहाल, लोकसभा में बड़े अंतर से पास होने के बाद राज्यसभा में आज महिला आरक्षण बिल पर चर्चा और वोटिंग होगी। राज्यसभा में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के लिए साढ़े 7 घंटे का वक्त सभापति जगदीप धनखड़ ने तय किया है। सुबह 11 बजे से राज्यसभा में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा होगी। शाम को करीब 6 बजे इस पर वोटिंग होने की संभावना है। हालांकि, ओवैसी की पार्टी को छोड़ लोकसभा में जिस तरह हर पार्टी ने महिला आरक्षण बिल के पक्ष में वोट दिया है, उससे लग रहा है कि राज्यसभा में एकराय से बिल पास हो जाएगा।
