May 13, 2026

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कनाडा पर भारत का एक और बड़ा एक्शन, 41 राजनयिक दिल्ली से वापस बुलाने को कहा

नई दिल्ली। खालिस्तानी आतंकियों के मसले पर भारत और कनाडा के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप अब और गंभीर रूप लेने के आसार हैं। अंग्रेजी अखबार द फाइनेंशियल टाइम्स की खबर के मुताबिक भारत ने कनाडा से कहा है कि वो अपने दिल्ली स्थित उच्चायोग से 41 राजनयिकों को हटा ले। सितंबर में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि कनाडा के भारत में ज्यादा राजनयिक हैं और कनाडा में भारत के कम। बागची ने कहा था कि राजनयिकों की संख्या में बराबरी होनी जरूरी है। अब खबर है कि भारत ने 41 राजनयिकों को वापस बुलाने के लिए कनाडा को 10 अक्टूबर तक का वक्त दिया है। कनाडा से साफ कहा गया है कि इस तारीख के बाद इन लोगों को राजनयिक वाली सुरक्षा नहीं दी जा सकेगी। राजनयिक वाली सुरक्षा के तहत कोई भी देश किसी और देश के राजनयिक को गिरफ्तार नहीं कर सकता है।

भारत और कनाडा के बीच संबंध बिगड़ने की शुरुआत सितंबर में उस वक्त हुई, जब पीएम जस्टिन ट्रूडो ने अपने देश की संसद में बयान देते हुए भारत पर खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या कराने का आरोप लगाया। ट्रूडो ने बिना कोई सबूत दिए आरोप लगाया कि भरोसा करने लायक है कि भारत की एजेंसियों ने हरदीप निज्जर की हत्या कराई है। हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने अपने देश की संप्रभुता पर हमला करार दिया था। वहीं, भारत ने कहा था कि अगर कनाडा के पास कोई ठोस सबूत है, तो वो दे और फिर कोई कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद भी जस्टिन ट्रूडो लगातार कहते रहे कि इस मामले में भरोसे लायक खुफिया जानकारी है।

कनाडा ने जस्टिन ट्रूडो के बयान के बाद भारत के एक वरिष्ठ राजनयिक को निष्कासित किया था। इसके बाद भारत ने भी कनाडा के राजनयिक को निकाला था। बाद में भारत सरकार ने और सख्त रवैया अपनाते हुए कनाडा के नागरिकों के लिए वीजा सेवा रोक दी। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बीते दिनों अमेरिका में आरोप लगाया था कि कनाडा में भारत विरोधी तत्वों और आतंकियों को पनाह दी जा रही है। जयशंकर ने ये भी कहा था कि भारत के उच्चायुक्त और अन्य राजनयिकों को धमकी दी गई, लेकिन कनाडा ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया।

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