ईरान से लड़ने में पानी की तरह पैसा बहा रहे डोनाल्ड ट्रंप, अब तक इतने लाख करोड़ कर दिए खर्च
नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव जारी है। नतीजे में अमेरिका एक बार ईरान से युद्ध लड़ चुका है और अब होर्मुज की नाकेबंदी समेत अपनी फौज और नौसेना को खाड़ी देशों में तैनात किए हुए है। ईरान को घेरे रखने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पानी की तरह पैसा बहा रहे हैं। ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका अब तक लाखों करोड़ रुपए खर्च कर चुका है। अमेरिका के रक्षा विभाग पेंटागन ने ये जानकारी मंगलवार को अमेरिकी कांग्रेस को दी। पेंटागन के वरिष्ठ बजट अधिकारी जे हर्स्ट ने जो आंकड़ा अमेरिकी सांसदों को दिया है, उससे पता चलता है कि डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को कुचलने की योजना में अब तक भारतीय मुद्रा के हिसाब से 2.77 लाख करोड़ खर्च हो चुके हैं।
पेंटागन के बजट अधिकारी ने अमेरिकी कांग्रेस की हाउस ऑफ सर्विसेज कमेटी को बताया कि संयुक्त स्टाफ टीम और नियंत्रक टीम ईरान के खिलाफ कार्रवाई पर हो रहे खर्च की समीक्षा कर रही हैं। फिलहाल 2.77 लाख करोड़ के खर्च का अनुमान है। उन्होंने खर्च के मद में उपकरणों की मरम्मत, हथियार और सैनिकों की तैनाती बताई है। हर्स्ट ने अमेरिकी संसद के सीनेट की विनियोग उप समिति को बताया कि इस खर्च में खाड़ी देशों में स्थित अमेरिका के सैन्य ठिकानों को ईरान के हमलों में हुए नुकसान की जानकारी शामिल नहीं है।
पेंटागन ने इससे पहले अमेरिकी कांग्रेस को बताया था कि ईरान के खिलाफ अमेरिका के अभियान में 2.39 लाख करोड़ रुपए के बराबर रकम खर्च हो सकती है। वहीं, हार्वर्ड कैनेडी स्कूल ने युद्ध बजट विशेषज्ञ लिंडा बिल्मेस के हवाले से बताया है कि ईरान के खिलाफ ट्रंप के आदेश पर चल रहे सैन्य अभियान में 95 लाख करोड़ से ज्यादा खर्च हो सकते हैं। बिल्मेस के मुताबिक अमेरिका फिलहाल ईरान के खिलाफ कार्रवाई में हर रोज 19000 करोड़ से ज्यादा खर्च कर रहा है। वहीं, न्यूज चैनल सीएनएन ने सूत्र के हवाले से बताया है कि ईरान के खिलाफ कार्रवाई में अमेरिका का खर्च 3.82 लाख करोड़ से 4.78 लाख करोड़ तक हो सकता है। अगर लंबे वक्त तक सैन्य विस्तार और पूर्व सैनिकों की देखभाल को जोड़ा जाए, तो अमेरिका का खर्च 95.67 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है।
