चीन में दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को सुनाई गई फांसी की सजा, जानिए किस गंभीर आरोप में मिला है मृत्युदंड?
नई दिल्ली। चीन में दो पूर्व रक्षा मंत्रियों वेई फेंगहे और ली शांगफू को फांसी की सजा सुनाई गई है। इन दोनों पर गंभीर भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी समेत अन्य गंभीर आरोप लगे थे। साल 2024 में दोनों के खिलाफ जांच शुरू की गई थी। जांच में इन पर लगे आरोपों को सही पाया गया जिसके बाद सैन्य अदालत ने इन्हें मृत्युदंड की सजा सुनाई है। वेई फेंगहे साल 2018 से 2023 तक चीन के रक्षा मंत्री रहे थे। मार्च 2023 में उनकी जगह ली शांगफू को नियुक्त किया गया था। भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद ली को पद से हटा दिया गया था।
सैन्य अदालत ने वेई फेंगहे को रिश्वत लेने का दोषी पाया। वहीं ली शांगफू पर घूस लेने और देने दोनों का दोष साबित हुआ। दोनों दोषियों को दो साल की मोहलत के साथ मौत की सजा सुनाई गई है। दो साल की मोहलत अवधि खत्म होने के बाद, उन दोनों की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया जाएगा। हालांकि उन्हें सजा में किसी भी प्रकार की छूट या पैरोल की संभावना नहीं होगी। दोनों आजीवन राजनीतिक अधिकारों से वंचित रहेंगे और उनकी सारी निजी संपत्ति जब्त करने का आदेश भी सैन्य कोर्ट ने सुनाया है। इन दोनों रक्षा मंत्रियों ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ काम किया है। हालांकि साल 2024 में इन दोनों को सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था।
आपको बता दें कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने साल 2012 में सत्ता संभालने के बाद से देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत सेना के कई जनरलों समेत बहुत से अन्य विभागों के बड़े अधिकारियों पर गाज गिर चुकी है। वहीं अगर फांसी की सजा की बात करें तो 2002 में 12,000, 2007 में 6,500 और 2013-2014 में 2,400 लोगों को मृत्युदंड दिया गया था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार साल 2009-2010 में दुनिया भर में सुनाई गई कुल फांसी की सजा में 58 से 65 फीसदी मामले अकेले चीन के थे।
